फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: हड़ताल से सफाई व्यवस्था ध्वस्त, सेल्फी प्वाइंट बने कचरे के ढेर

विज्ञापन
कृष्णा काॅलोनी चौक पर लगा कूड़ा का ढेर।
विज्ञापन
भिवानी। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाने से जिले की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर की गलियां सड़ रही हैं और बाजारों में बदबू फैल गई है। हालात यह हैं कि शहर में 55 स्थानों पर अवैध कूड़ा प्वाइंट बन चुके हैं जबकि करीब 450 टन कचरा जमा हो चुका है। नगर परिषद द्वारा बनाए गए सेल्फी प्वाइंट भी अब कचरा प्वाइंट में तब्दील हो गए हैं।
विज्ञापन

लोगों द्वारा कई चौकों पर पड़े कूड़े में आग लगाई जा रही है। कृष्णा कॉलोनी चौक पर कूड़े में लगी आग में एक कुत्ते की जलकर मौत हो गई। सफाई कर्मचारी शुक्रवार को लगातार नौवें दिन भी हड़ताल पर रहे वहीं यूनियन ने हड़ताल को 11 मई तक बढ़ा दिया है।
दरअसल नगर परिषद में 285 सफाई कर्मचारी हैं जो फिलहाल हड़ताल पर हैं। इससे सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पहले डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन एजेंसी से नगर परिषद कचरा उठवाने का कार्य कर रही थी लेकिन कर्मचारी यूनियन द्वारा इस कार्य को भी रोक दिए जाने से स्थिति और बिगड़ गई है।
विज्ञापन

नगर परिषद के बाहर धरना दे रहे कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन भी किया। इस दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि यह लड़ाई केवल वेतन की नहीं बल्कि वजूद और आत्मसम्मान की है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े दावे करती है लेकिन वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई नई पक्की भर्ती नहीं की गई।
दानव ने मांगों में पक्की भर्ती व नियमितीकरण, 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता, समान सुविधाएं, पुरानी पेंशन बहाली, शहीद फायर कर्मियों (रणवीर व भवीचन्द) के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा 8 अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे फायर ब्रिगेड कर्मियों की सभी मांगें पूरी करने की मांग शामिल बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका प्रथा खत्म करने के बजाय सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाकर कर्मचारियों के साथ छल किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों में शहरों की आबादी और क्षेत्रफल कई गुना बढ़ गया लेकिन सफाई पदों की संख्या जस की तस बनी हुई है।

हड़ताल के कारण रिहायशी इलाकों में लगे के कूड़े के ढेर
हड़ताल के कारण शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक कूड़े के ढेर लग गए हैं। डस्टबिन ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल चुके हैं। हालात यह हैं कि आमजन का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी सुध नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें