भिवानी। भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव ने हर इंसान के चेहरे की मुस्कान छीन ली है। विशेषज्ञों की मानें तो ठहाके लगाकर हंसना किसी औषधि से कम नहीं है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मनोरोग विशेषज्ञ के पास 70 फीसदी मरीज डिप्रेशन के शिकार आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मामले तो ऐसे आए हैं, जिनमें लोग खुशी क्या होती है यह तक भूल जाते हैं, जिसके कारण वे न तो हंस पा रहे है और न ही किसी से ठीक से बातचीत कर पा रहे हैं। इन मरीजों को ठीक करने के लिए मनोरोग विशेषज्ञ की मदद ली जा रही है।
कोरोना महामारी में तनाव, चिंता, अवसाद जैसी परेशानी के सबसे ज्यादा मामले आए। तनाव, चिंता के मरीजों में दवा से ज्यादा ठहाके की टिप्स ज्यादा कारगर है। ठहाके लगाने से मानसिक रूप से खुश और स्वस्थ रहने का भाव विकसित होता है, जिससे तनाव-चिंता नहीं रहती। ऐसे में मनोरोग विशेषज्ञ भी मरीजों को खुलकर मुस्कुराने की सलाह दे रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में काउंसलिंग के लिए आने वाले मरीजों में बुजुर्गों के साथ ही महिलाएं व युवा भी शामिल है। महिलाओं को घर के काम, बच्चों की पढ़ाई की चिंता, परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तों में आई दरारों की वजह से डिप्रेशन का शिकार हो रही है। युवा बेरोजगार के साथ पढ़ाई की चिंता रहती है। इसके अलावा बुजुर्गों को अकेलेपन की वजह से तनाव होना सामने आया है।
खुश होने के लिए ले रहे लाफिंग थेरेपी का सहारा
तनाव अधिक होने के कारण इन दिनों पार्क व व्यायामशालाओं में लोग लाफिंग थेरेपी का सहारा ले रहे हैं। इनमें बुजुर्गों के साथ महिलाएं व युवा भी शामिल हैं। लाफिंग थेरेपी से हृदय की सेहत भी ठीक रहती है। जोर से हंसने से हृदय-मस्तिष्क की नलिकाओं समेत शरीर में तेजी से रक्त का संचार होने लगता है। खुश रहने से मधुमेह और रक्तचाप भी नियंत्रित होता है। ठहाके लगाना भी योग का एक आसन है। इससे मानसिक, शारीरिक सेहत सुधरती है।
ऐसे रह सकते हैं खुश
- 30-40 मिनट तक रोजाना ठहाके लगाकर हंसना।
- दोस्तों से गपशप करना, मन की बात करना।
- दूसरों का भला, समाजसेवा करना।
- सकारात्मक सोचें, निराशाजनक बातें न करें।
- पसंदीदा संगीत, चुटकले सुनना और सुनाना।
- योग-ध्यान करना, खुद को सृजनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
- पुराने दोस्तों-रिश्तेदारों से बात कर यादें ताजा करना।
- आर्थिक-सामाजिक रूप से किसी से खुद की तुलना से बचें।
- कार्यालय के माहौल को बोझिल न बनाएं, व्यवहार कुशल बनें।
- कार्य को लंबित न रखें, दिनचर्या सुधारें।
तनाव दूर करने के लिए योग करें
डिप्रेशन की वजह से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से नुकसान होता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें कि तनाव न हो। अगर किसी कारण तनाव हो भी जाए तो उसे दूर करने के लिए योग करें, खुद को किसी कार्य में व्यस्त कर लें। परिवार के साथ बातचीत करें और उनके साथ अपनी परेशानी साझा करें। जीवन में खुलकर ठहाके लगाकर जीवन का आनंद लें। योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, ताकि शारीरिक व मानसिक मजबूती मिल सकें।
- डॉ. नंदिनी लांबा, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।