बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा हलके की जनता जहां एक तरफ वर्षों से उपमंडल बनने का इंतजार कर रही है वहीं तोशाम में मंच पर हरियाणा के वरिष्ठ नेता द्वारा बवानी खेड़ा हलके को तोड़ने संबंधी दिए गए बयान के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बवानीखेड़ा क्षेत्र की पहचान और एकता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हनुमान, सोमबीर, राजेश कुमार, बलबीर सिंह, सुमन देवी, गुड्डी, महेश कुमार का कहना है कि बवानीखेड़ा हलका लंबे समय से अपनी अलग पहचान रखता है और यहां के लोगों ने विकास के लिए लगातार संघर्ष किया है। ऐसे में हलके को तोड़ने जैसी बात कहना क्षेत्र की भावनाओं को आहत करने वाला है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान से जनता में असंतोष पैदा हो रहा है और राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। लोगों का कहना है कि ये गहरी साजिश प्रतीत हो रही है शायद हो सकता है कि कुछ बेल्ट को हांसी, मुंढ़ाल, भिवानी, तोशाम मिलाकर बवानीखेड़ा हलके के वर्चस्व काे समाप्त करने की योजना हो। उनका कहना है कि बवानी खेड़ा हलके को तोड़ना गलत होगा। कई गांवों की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था आपस में जुड़ी हुई है। यदि हलके को तोड़ने की कोशिश की गई तो इससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ेगा और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कई स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने कहा कि यदि इस मुद्दे पर स्पष्टता नहीं दी गई तो वे आंदोलन करने पर भी मजबूर हो सकते हैं। लोगों ने सरकार और संबंधित नेताओं से मांग की है कि बवानीखेड़ा हलके की एकता को बनाए रखा जाए और क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया जाए। लोगों का कहना है कि विधायक को भी इस स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए जिस हलके ने उन्हें जीताकर सींचने का काम किया है और उसी के टूटने के संकेत भी दिए गए।
इस मुद्दे को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आने वाले समय में यह मामला राजनीतिक रूप से और भी गरमा सकता है। वहीं विधायक कपूर वाल्मीकि ने बताया कि उन्होंने इस बारे हाईकमान से बातचीत की है बवानीखेड़ा को विधानसभा तोशाम में नहीं बल्कि लोकसभा क्षेत्र भिवानी में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हलका टूटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।