तोशाम। क्षेत्र के एक गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) के प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों पर एक व्यक्ति ने मनमानी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अनियमिताओं की जांच की मांग कर शिकायत की है।
शिकायत में बताया गया है कि जीएसएसएस में कार्यरत प्राचार्य कई दिनों तक स्कूल में नहीं आते और बाद में जाकर वहां अपनी हाजिरी भर देते हैं। वह हर माह सप्ताहभर ही विद्यालय में पूरे महीने की हाजिरी लगाकर अवैध तरीके से पूरे महीने उपस्थित दिखाकर वेतन ले रहे हैं। अपनी अनुपस्थिति में वह विद्यालय के जूनियर प्रवक्ता को बना देते हैं जो अन्य अध्यापकों के साथ अन्याय है। जिस दिन वह स्कूल में आते भी हैं तो उस दिन भी वह कुछ समय बाद ही लौट जाते हैं।
विद्यालय के विभिन्न स्टाफ सदस्य भी प्राचार्य की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि झूठे सबूत पर बच्चों के हस्ताक्षर करवा देते हैं। स्टाफ के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, असभ्य भाषा का इस्तेमाल कर धमकी भी देते हैं।
आरोप है कि विद्यालय के प्राध्यापक शराब पीकर स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर अभद्र और अनाप-शनाप संदेश डालते रहते हैं। इससे अन्य शिक्षक और शिक्षिकाओं को प्रताड़ित होना पड़ रहा है। वह महिला अध्यापिकाओं को कई घंटे तक अनावश्यक रूप से अपने कार्यालय में बैठा देते हैं।
उसने अपने लिए अवैध तरीके से विश्राम कक्ष भी बनाया है जिसमें प्राचार्य और उनके चहेते विभिन्न अध्यापक ही प्रवेश कर सकते हैं। प्राचार्य कभी कक्षा में नहीं पढ़ाते। स्कूल में किसी भी कार्य के लिए मिलने वाले अनुदान में भी कमीशन मांग कर भ्रष्टाचार करते हैं। इस स्कूल में एनएसक्यूएफ से संबंधित तीन ट्रेड हैं, जिनमें कौशल विकास के लिए हर महीने 2,000 रुपये का अनुदान हर कक्षा के लिए मिलता है। इस अनुदान का भी वे दुरुपयोग कर रहे हैं।
यहां पढ़ने वाले गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ प्राचार्य और उनके चहेते स्टाफ खिलवाड़ कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इन सभी आरोपों की जांच करने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बीईओ से लेकर राष्ट्रपति तक लिखित में शिकायत दी है। इसके बावजूद तोशाम के बीईओ राज सिंह का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।