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Bhiwani News: लगातार बारिश में ओवरफ्लो हो रहे गांवों के जोहड़

Mon, 09 Sep 2024 06:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश में एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों के जोहड़ ओवरफ्लो होने के कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लगातार सप्ताह भर से बारिश का सिलसिला होने की वजह से ग्रामीण जोहड़ों के किनारे अपनी हद लांघने को हैं। अब कभी भी बारिश हुई तो पानी आबादी में घरों की तरफ रुख कर जाएगा। ऐसे में आबादी भरे इलाकों में जलभराव का भी खतरा बना है।
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हालांकि पहले भी ये जोहड़ ओवरफ्लो हो गए थे, जिनके पानी की निकासी की व्यवस्था संबंधित ग्राम पंचायतों ने सिंचाई विभाग के साथ मिलकर करा दी थी। लेकिन अब फिर से वही हालात बन गए हैं। भिवानी के गांव खरक, कलिंगा, चांग सहित तोशाम क्षेत्र के कई गांवों में जोहड़ लबालब हो गए हैं। इन जोहड़ों के अंदर आसपास की आबादी का गंदा पानी भी पहुंच रहा है, जिसकी वजह से ही यहां पानी का स्तर बारिश के बाद बढ़ा है। सिंचाई विभाग ने जिले में बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत जलभराव संभावित गांवों में पहले से ही पानी निकासी के अस्थायी प्रबंध कराए थे। जबकि सिंचाई विभाग की पंपिंग मोटरों और पानी निकासी में बिजली निगम से अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने की भी व्यवस्था प्रशासन ने करा दी थी। पानी की निकासी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई। हालांकि शुरुआती मानसून यहां अच्छा नहीं रहा, मगर लौटता मानसून अब सक्रियता के साथ बरस रहा है। ऐसे में रुक-रुक कर हो रही बारिश से ही जोहड़ों में भी पानी का स्तर बढ़ गया है। जो आसपास की आबादी के लिए संकट बना है।


बिजली निगम से ग्राम पंचायतों ने लिए हैं 91 अस्थायी कनेक्शन
जिले की करीब 55 से अधिक ग्राम पंचायतों ने बिजली निगम से 91 से अधिक अस्थायी बिजली कनेक्शन ले रखे हैं। ये कनेक्शन पानी निकासी के पंपिंग सिस्टम के संचालन के लिए सिर्फ दो से तीन माह की अवधि के लिए ही लिए गए हैं। निगम ने भी प्राथमिकता के आधार पर इन बिजली कनेक्शनों को बारिश के मौसम से पहले ही जारी करा दिया था। इसके बावजूद कई जगह पानी निकासी में अस्थायी डीजल पंप भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
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मुंढाल क्षेत्र में नहीं हुआ इस बार बरसाती जलभराव
भिवानी जिले के मुंढाल क्षेत्र में इस बार बरसाती जलभराव नहीं हुआ। इसकी एक वजह यह है कि सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपयों की पानी निकासी की परियोजनाओं पर बारिश से पहले ही काम पूरा हो गया। बारिश के दौरान पानी की निकासी अब नजदीकी ड्रेन और बड़ी नहरों के अंदर पाइप लाइन और तैयार किए गए चैंबर के जरिए कराई जा रही है। जिससे खेतों में इस बार बरसाती जलभराव भी नहीं हुआ है। किसान भी अब जलभराव से फसल खराब होने की समस्या से हमेशा के लिए निजात पा चुके हैं। जबकि इस इलाके के बारिश के पानी को नहरों और ड्रेन में छोड़े जाने पर दूसरे सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।

सिंचाई विभाग की ओर से जिला प्रशासन के बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत जलभराव संभावित ग्राम पंचायतों को डिमांड के अनुसार मशीनरी और पंपिंग सेट मानसून से पहले मुहैया करा दिए थे। जिनके संचालन और पानी की निकासी का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। अगर खेतों में कहीं बरसाती जलभराव होता है तो संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों के माध्यम से वहां व्यवस्था कराई जा रही है। -नवीन कुमार देशवाल, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग, सिंचाई विभाग, भिवानी।
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