भिवानी। ग्रामीण अंचल की युवा पीढ़ी में मुफ्त शिक्षा का मंत्र फूंककर उन्हें आगे बढ़ाने की गांव चांग में एक सराहनीय पहल की गई है। ये पहल सूर्या यूथ ब्रिगेड ने की है। यूथ ब्रिगेड के संयोजक सूर्य प्रताप ने खुद की करीब 500 वर्गगज भूमि पर गांव के युवाओं के लिए मुफ्त में पढ़ाई के लिए डिजिटल लाइब्रेरी तैयार कराई है। जो इसी माह के अंत तक पूरी हो जाएगी। इस लाइब्रेरी में गांव के लड़के और लड़कियां आईएएस, आईपीएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुफ्त में कर पाएंगे। गांव चांग के समाजसेवी एवं सूर्या यूथ ब्रिगेड के संयोजक सूर्या प्रताप गांव की इस डिजिटल लाइब्रेरी को तैयार कराने में करीब 50 लाख का खर्च खुद ही उठाएंगे।
गांव की इस डिजिटल लाइब्रेरी में दिल्ली के मुखर्जी नगर के चुनिंदा शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं की भी मुफ्त व्यवस्था कराई जाएगी। करीब आठ हजार से अधिक की आबादी वाले गांव चांग में अधिकांश युवा लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई के लिए भिवानी शहर या फिर महम जाते हैं। इसके अलावा यहां भारतीय प्रशासनिक सेवा या फिर भारतीय पुलिस प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिले में कोई बड़ा संस्थान भी नहीं है। ऐसे में गांव चांग के यूथ ब्रिगेड के संयोजक सूर्या प्रताप के दिल में एक कसक थी कि यहां के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए गांव में ही ये सुविधा मिले। इसी को लेकर उसने खुद की करीब 500 वर्गगज भूमि में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण शुरू कराया।
इस लाइब्रेरी में एक साथ 60 विद्यार्थियों के बैठने की बेहतर व्यवस्था रहेगी। डिजिटल लाइब्रेरी में युवाओं के लिए कंप्यूटर का प्रबंध होगा और वाईफाई की सुविधा भी मिलेगी। हर माह लाइब्रेरी के विद्यार्थियों को भ्रमण पर भी ले जाकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से रूबरू कराया जाएगा। इसी तरह लाइब्रेरी में मुफ्त में अध्ययन करने आने वाले विद्यार्थियों को लेमन और ग्रीन टी भी यहां मुफ्त में चखने को मिलेगी। किसी भी कागज की मुफ्त में फोटो कॉपी की सुविधा भी युवाओं को मिलेगी।
कौन हैं सूर्या प्रताप
गांव चांग निवासी सतीश चांगिया राजपूत महासभा में भिवानी और चरखी दादरी प्रधान हैं। उनके बेटे सूर्या प्रताप गुरुग्राम की मल्टीनेशनल कंपनी में साउथ के बतौर बड़े अधिकारी कार्यरत हैं। गांव चांग व आसपास के करीब 1100 सदस्य सामाजिक संगठन सूर्या यूथ ब्रिगेड से जुड़े हुए हैं। सामाजिक संगठन अब तक पीड़ित को न्याय दिलाना, बुजुर्गाें को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराना, जिन बुजुर्गों की पेंशन नहीं बनी उन्हें हर माह पेंशन मुहैया कराना, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का संरक्षण, युवा पीढ़ी को शिक्षित कराना मुख्य लक्ष्य लेकर चल रहा।
सूर्या यूथ ब्रिगेड एक सामाजिक संगठन है, जिसका कार्य भारतीय संस्कृति और संस्कारों को संजोने के साथ-साथ बुजुर्गाें का सम्मान करना और युवा पीढ़ी को शिक्षित कर उन्हें आगे बढ़ाना है। इसी मकसद को पूरा करने के लिए मैंने अपनी 500 वर्गगज भूमि पर डिजिटल लाइब्रेरी तैयार कराई है, जिसमें गांव व आसपास के युवाओं को मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका मिलेगा। गांव के युवा दिल्ली के मुखर्जी नगर में महंगी फीस भरकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाते हैं, उन्हें मुखर्जी नगर के चुनिंदा शिक्षकों की ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ भी अब यहीं मुफ्त में मिलने लगेगा। -सूर्या प्रताप सिंह, संयोजक, सूर्या यूथ ब्रिगेड चांग।