पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ मंगलवार को लोगों का गुस्सा सड़क पर भी दिखा। कौंट गांव से 14 जून को लापता हुई नौ वर्षीय बच्ची के मामले में कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर पूछताछ के नाम पर बेवजह तंग करने का आरोप लगाया। गुस्साए ग्रामीणों ने कौंट गांव के पास मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसएचओ के उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम खोला गया। जाम के दौरान कई वाहन फंसे रहे जिससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि 14 जून को कौंट गांव से नौ वर्षीय मुस्कान संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। पुलिस व परिजनों ने काफी तलाश की मगर बच्ची का कही कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने कुछ लोगों पर अपहरण का शक जताया। जिस पर पुलिस ने उक्त लोगों से पूछताछ की। इसी पूछताछ में कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर नाजायज तंग करने का आरोप लगाया। गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह 11 बजे कौंट गांव के पास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। जाम की सूचना पर सदर थाना प्रभारी लीलाराम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। जाम सुबह करीब साढे़ 11 बजे खोला गया।
पूछताछ के नाम पर तंग करने का आरोप
जाम लगा रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस पूछताछ के लिए कभी किसी को घर से ले जाती है तो कभी किसी को। इससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण एक महिला को पूछताछ के लिए ले जाए जाने पर ज्यादा खफा थे। नाराज लोगों का कहना था कि पूछताछ एक बार होती है बार-बार की पूछताछ से हम आजिज आ चुके हैं। पुलिस का काम मामला निपटाना है किसी को तंग करना नहीं। जाम के कारण राहगीरों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ा। जाम खुलने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।