जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में सोमवार दोपहर करीब सवा 12 बजे एक महिला ने मरीज को नहीं संभालने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। महिला पहले तो आपातकालीन विभाग में तैनात स्टाफ सदस्यों से उलझ बैठी फिर वहां तैनात चिकित्सक को भी खूब खरी खोटी सुनाई। महिला का आरोप था कि करीब दो घंटे से मिर्गी के दौरे आने से युवक तड़पता रहा, मगर किसी ने उसकी कोई सुध तक नहीं ली।
महिला की ओर से आपातकालीन विभाग में हंगामा किए जाने की सूचना चिकित्सकों ने पुलिस को दी। इसके बाद आपात विभाग में डायल 112 की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस कर्मचारियों ने महिला को शांत किया और उसकी बात सुनी। वहीं चिकित्सकों ने भी हंगामे के बाद मरीज की सुधबुध ली।
दरअसल, दादरी गेट गली नंबर चार निवासी बुजुर्ग महिला रामभतेरी अपने पोते रितू (22) को लेकर आपातकालीन विभाग में आई थी। रामभतेरी ने बताया कि उसके पोते को मिर्गी के दौरे आते हैं। आपातकालीन विभाग में सुबह करीब साढ़े 10 बजे वे पहुंचे थे, मगर दोपहर 12 बजे तक भी उनकी किसी ने कोई सुधबुध नहीं ली।
बुजुर्ग महिला पोते को देख लेने के लिए स्टाफ के पास कभी इधर दौड़ती को कभी उधर दौड़ती रही। मगर किसी ने उसकी नहीं सुनी। उसके पोते के मुंह से झाग निकल रहे थे और शरीर भी पूरी तरह से अकड़ चुका था। इसी दौरान उनकी पड़ोसन वहां आई और वहां तैनात स्टाफ का रवैया देखकर भड़क उठी। महिला ने युवक की दो से ढाई घंटे तक कोई सुध नहीं लेने पर वहां तैनात स्टाफ को खूब खरी खोटी सुनाई। इस पर अस्पताल पुलिस चौकी से भी पुलिसकर्मी वहां पहुंचा तो महिला ने उसे भी नहीं बख्शा। वहीं वहां तैनात चिकित्सक को भी उसकी ड्यूटी का अहसास कराया। इसके बाद चिकित्सकों ने पुलिस बुलाई। डायल 112 की दो अलग-अलग गाड़ियां सुना पाते ही वहां पहुंची। चिकित्सकों ने महिला पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए वहीं महिला ने भी मरीज की कोई सुध नहीं लेने और मरीज को देखने पर स्टाफ द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप जड़े। महिला को पुलिस कर्मचारी आपातकालीन विभाग से बाहर लेकर आए और फिर उसकी बात सुनी। महिला को समझा बुझाकर पुलिस ने मामला शांत कराया और हंगामे के बाद मरीज के पास चिकित्सक और स्टाफ भी पहुंचा। इसके बाद उसका उपचार शुरू हुआ।