भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी, खांसी व जुकाम के साथ ही निमोनिया के मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों में डायरिया भी देखा जा रहा है। सोमवार को भी बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में दोपहर तक मरीजों का आंकड़ा 117 पार कर चुका था।
ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीजों में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज आ रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सक के अनुसार बच्चे के लिए खान पान का विशेष ध्यान रखें। कुछ बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
इसकी वजह से बच्चा जल्दी बीमार हो जाता है। वहीं अभिभावकों को भी ठंड में सावधानी बरतने की जरूरत है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए तो विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
बच्चों में निमोनिया के लक्षण
सांस लेने में दिक्कत होना।
खांसी के साथ बलगम निकलना।
खांसी के साथ सीने व पेट में दर्द।
उल्टी, दस्त व भूख कम लगना।
निमोनिया से बचाव कैसे करें
बच्चों को गर्म कपड़े पहना कर रखें।
पौष्टिक आहार दें।
कफ नहीं बनने दें।
समय पर टीकाकरण करवाएं।
मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे वायरल निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। समय पर उपचार न मिलने से बच्चे को सांस लेने में परेशानी आ रही है। इस कारण बच्चे को किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श कर इलाज शुरू करें। - डॉ. रीटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।