भिवानी। सरकारी अन्न भंडार भरे जा रहे हैं, लेकिन गरीबों के मुंह तक जरूरत के समय निवाला नहीं पहुंच रहा है। अप्रैल का महीना बिना राशन वितरण के ही निकलने को है, लेकिन अभी तक सरकारी राशन डिपो पर गेहूं का स्टॉक तक नहीं पहुंचा है।
डिपो संचालक भी राशन लेने आने वालों को समझा-समझाकर थक चुके हैं। वहीं गरीब के घर अन्न का एक दाना नहीं है। वजह फसल की सरकारी खरीद की वजह से मंडी से गोदामों तक अनाज पहुंचाने में ही लेबर और गाड़ियां लगी हैं, जबकि गोदामों से राशन डिपो तक गेहूं का स्टॉक पहुंचाने के लिए लेबर और गाड़ियों का प्रबंध नहीं हो पा रहा है। इस बीच एफसीआई की बेरुखी भी गरीबों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ये दिक्कत भिवानी जिले में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कमोबेश बनी है।
प्रदेश के 22 जिलों में 9364 सरकारी राशन डिपो हैं। जिनसे प्रदेशभर के जिलों में 3186994 पात्र बीपीएल परिवार जुड़े हैं। भिवानी जिले में एक लाख 64 हजार 991 बीपीएल परिवार हैं। इन परिवारों को सरकारी राशन डिपो के माध्यम से हर माह सस्ता गेहूं और अन्य राशन मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन अप्रैल माह बीतने को है, अभी तक राशन डिपो पर गेहूं नहीं पहुंचा है। महीना बीतने में तीन दिन शेष बचे हैं। ऐसे में डिपो संचालक भी असमंजस में है कि कब गेहूं का स्टॉक राशन डिपो पर पहुंचेगा और कब स्टॉक पॉश मशीन में दर्ज होगा और कब तक राशन पात्र परिवारों में बटेगा।
वहीं उपभोक्ता भी राशन के इंतजार में हैं, क्योंकि महीना खत्म होने के साथ ही राशन का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। वे इस उम्मीद में रोजाना डिपो के चक्कर लगा रहे हैं कि आज तो राशन आ गया होगा। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 30 अप्रैल से राशन डिपो पर गेहूं का स्टॉक पहुंचना आरंभ होगा।
मंडियों में बिगड़ी है उठान की स्थिति, गोदामों में लेबर पड़ी कम
गेहूं और सरसों खरीद सीजन पीक पर है। ऐसे में जिले की 11 मंडियों में गेहूं और सरसों के लाखों क्विंटल उठान का नहीं हुआ है। मंडियों से गोदामों में माल ढुलाई में अधिकर ढुलाई ठेकेदार व्यवस्था बनाने में जुटे हैं वहीं एफसीआई के गोदामों में गाड़ियां खाली कराने में लेबर भी कम पड़ रही है। इन्हीं गोदामों से पुराना गेहूं का स्टॉक का उठान कराकर उन्हें डिपो तक भेजा जाना है, मगर न ढुलाई वाहन हैं न लेबर। ऐसे में राशन डिपो पर गरीबों का निवाला पहुंचाने की कोई व्यवस्था विभाग के पास नहीं बन पा रही है। अधिकारियों ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।
सरकारी राशन डिपो पर अभी तक राशन नहीं पहुंचा है, ये स्थिति पूरे प्रदेश में बनी है। दिक्कत गोदामों से राशन डिपो तक गेहूं का स्टॉक पहुंचाने के लिए लेबर और ढुलाई वाहनों की है। डिपो पर पुराना गेहूं का स्टॉक पहुंचाया जाना है, जबकि गोदामों में खरीद का नया स्टॉक लग रहा है। 30 अप्रैल तक डिपो पर गेहूं पहुंचाना आरंभ होगा। वितरण के लिए दस दिन का समय दिया जाएगा।
-मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।
ये है प्रदेश में जिले अनुसार गरीब परिवारों की स्थिति
जिले का नाम- राशन डिपो-
गरीब परिवारों की संख्या
1. अंबाला-
364-
142414
2. भिवानी-
461-
164991
3. चरखी दादरी-
202-
63362
4. फरीदाबाद-
652-
175350
5. फतेहाबाद-
369-
145615
6. गुरुग्राम-
221-
119585
7. हिसार-
671-
246453
8. झज्जर-
337-
90497
9. जींद-
543-
172314
10. कैथल-
454-
143096
11. करनाल-
657-
201959
12. कुरुक्षेत्र-
490-
134668
13. महेंद्रगढ़-
287-
115502
14. नूंह-
497-
177123
15. पलवल-
424-
139886
16. पंचकूला-
141-
51181
17. पानीपत-
503-
153415
18. रेवाड़ी-
233-
99932
19. रोहतक-
276-
115434
20. सिरसा-
510-
212352
21. सोनीपत-
468-
163700
22. यमुनानगर-
604-
158165