लिंगानुपात विषय पर बैठक में बातचीत करते अधिकारी।
भिवानी। नगराधीश अनिल कुमार ने कहा कि जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों व नर्सिंग होमों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
नगराधीश अनिल कुमार यह बातें लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए हॉल में पीएनडीटी की समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों में ग्रामीणों को बताया जाए कि घर-परिवार और समाज में बेटियों को जन्म से ही बेटों की तरह सम्मान और स्थान दें। लड़कों और लड़कियों में किसी प्रकार का भेदभाव न करें। देश व समाज की उन्नति में बेटियों की अहम भूमिका होती है।
नगराधीश ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि वे शहरी और ग्रामीण अंचल में विशेषकर महिलाओं में बेटियों के प्रति जागरूकता लाने का काम करें। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या की सूचना मिले तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को दी जाए। दो या तीन लड़कियों वाले परिवारों पर विशेष निगरानी रखी जाए। गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण आवश्यक है।
नगराधीश ने यह भी निर्देश दिए कि गर्भपात की दवाइयों की अवैध बिक्री न हो और मेडिकल स्टोरों पर लगातार छापेमारी जारी रहे। समीक्षा बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य और नोडल अधिकारी डॉ. राहुल ने जिले में लिंगानुपात सुधार को लेकर विस्तार से जानकारी दी।