भिवानी। जिला आयुष विभाग के अस्पताल के पंच केंद्र में उपचार की मशीनें खुद बीमार पड़ी हैं, मरीजों के उपचार के लिए तेल हैं न दवाई। ऐसे में मरीजों को बाहर से खुद ही मालिश का तेल खरीदकर लाना पड़ रहा है।
पिछले छह माह से मालिश का तेल और आयुर्वेदिक अन्य दवाइयों का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। इसके लिए आयुष अधिकारी मुख्यालय से लगातार संपर्क में बने हैं, मगर अभी तक न दवाई आई है न खराब उपकरणों की हालत सुधरी है। सबसे अधिक परेशानी तो कमर और घुटनों के दर्द के मरीज झेल रहे हैं।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के पंचकर्म केंद्र में मरीजों के उपचार के लिए पिछले छह माह से मालिश का तेल नहीं आया है। इसके अलावा जरूरी आयुर्वेदिक दवाइयों का भी टोटा बना है। पंचकर्म केंद्र में रोजाना ही करीब 50 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
पंच केंद्र में अधिकतर मरीजों को उपचार का सामान और दवाइयां खुद ही लानी पड़ती हैं। जिला आयुष अस्पताल के पंचकर्म केंद्र में पांच मशीनें हैं, जिसमें से केवल तीन मशीनें ही काम कर रही हैं, दो खराब पड़ी हैं। पंच कर्म केंद्र में होम्योपेथिक दवाइयों का भी टोटा बना है। मरीजों के लिए बड़ी दिक्कत ये है कि चिकित्सक दवाई और उपचार तो सुझा रहे हैं, मगर यहां सुविधाएं नहीं हैं।
आयुष विभाग के पंचकर्म केंद्र में पांच मशीनों में तीन मशीनें चालू हालत में हैं, जबकि दो मशीनें छह माह से खराब पड़ी हैं। इन मशीनों को ठीक कराने की डिमांड भेजी है। दवाइयों की खेप आ चुकी हैं, लेकिन इनके सैंपल लैब में भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने पर ही इन्हें मरीजों के प्रयोग में लाया जाएगा। - डॉ. रश्मि शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, भिवानी।