भिवानी। लघु सचिवालय के डीआरडीए हाल में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की अध्यक्षता में बच्चों के पोषण से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रामीण स्तर पर किए गए प्रयासों और कार्यों का विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में एडीसी करवा ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे कम अति कुपोषित बच्चे जिला भिवानी में पाए गए हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय बनाकर फरवरी माह के सभी अति कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं की एनीमिया जांच सुनिश्चित करें। एनीमिया से ग्रसित महिलाओं को आवश्यक दवाइयां वितरित की जाएं ताकि भविष्य में कोई भी गर्भवती महिला एनीमिया से प्रभावित न हो। एडीसी ने बैठक के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 पर भी विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली ने एडीसी को बताया कि चयनित 57 गांवों में बच्चों के पोषण की स्थिति में सुधार हुआ है। जनवरी माह में जहां 23 बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में थे, वहीं फरवरी माह में यह संख्या घटकर 9 रह गई है।