भिवानी। नगर के लघु सचिवालय परिसर में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के पास जहर खाने वाले 17 वर्षीय मोहित ने भी हिसार के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जहर खाने के 48 घंटे बाद उपचार के दौरान मोहित की मौत हो गई जबकि जहर खाने के 24 घंटे के अंदर उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। शनिवार शाम उनकी बेटी साक्षी की मौत हो गई थी। हिसार के सरकारी अस्पताल में भाई और बहन के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
जिले के गांव मिताथल निवासी धर्मबीर (42), उसकी पत्नी सुशीला (35), बेटा मोहित (17), बेटी (15) साक्षी ने शुक्रवार दोपहर करीब सवा एक बजे लघु सचिवालय परिसर में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के पास गाड़ी में जहर खाया था। सगे भाइयों में गांव के पुश्तैनी मकान के बंटवारे का विवाद था। इसमें मृतक धर्मबीर की पत्नी सुशीला और सुशीला की ही सगी बहन जयवीर की पत्नी रेणु ने सदर पुलिस थाना में घटना की तहरीर दी थी।
सदर पुलिस ने सुशीला की शिकायत पर उसके देवर और जेठ के लड़के के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। सुशीला का आरोप था कि दो अप्रैल को उसके छोटे देवर जयबीर ने उसके पति धर्मबीर पर पिस्तौल तान कर जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गई थी। उसके जेठ का लड़का हर्ष भी उन्हें फोन पर धमकी दे रहा था। इससे उन्हें जान का खतरा बना था।
लघु सचिवालय के एडीसी कार्यालय के पास शुक्रवार दोपहर धर्मबीर, उसकी पत्नी सुशीला और दोनों बच्चे साक्षी और मोहित ने जहर खा लिया था। इसके बाद धर्मबीर और उसकी पत्नी की उपचार के दौरान उसी रात मौत हो गई थी जबकि शनिवार देर शाम को हिसार के निजी अस्पताल में साक्षी ने भी दम तोड़ दिया था। उपचार के दौरान शनिवार रात मोहित की भी मौत हो गई। इससे पूरे परिवार का खात्मा हो गया।
धर्मबीर अरुणाचल प्रदेश में चाय के बागान का सौदा कर चुका था
मृतक धर्मबीर के परिजनों के अनुसार धर्मबीर अरुणाचल प्रदेश में चाय के बागान का सौदा कर चुका था। उसने वहां के कारोबार का कोई हिसाब परिवार को नहीं दिया था। यह भी बताया जा रहा है कि धर्मबीर पर अरुणाचल प्रदेश में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज था। यहां आने के बाद भाइयों से पुश्तैनी संपत्ति के लिए विवाद हो गया था।
मृतक धर्मबीर की पत्नी सुशीला की शिकायत पर उसके देवर और जेठ के लड़के पर आईपीसी की धारा 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि जहर खाने से शिकायतकर्ता की मौत हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। यह मामला आत्महत्या के लिए मजबूर करने का भी हो सकता है। पुलिस इस पहलू पर भी अपनी तहकीकात में लगी है। -राकेश कुमार, एसएचओ, सदर पुलिस, भिवानी।
दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम हिसार में कराया गया है। मृतक धर्मबीर के चाचा ओमबीर के बयान पर ही पुलिस ने इत्तफाकिया मौत के मामले की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए। -धर्मबीर सिंह, एसएचओ, सिविल लाइन पुलिस, भिवानी।