भिवानी। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, भिवानी के शुभारंभ का कार्यक्रम एक बार फिर टाल गया है। यह इस साल दूसरी बार है जब कॉलेज के औपचारिक उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचने के बाद भी कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा। इस बार कॉलेज का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोनीपत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से किया जाना था, लेकिन प्रधानमंत्री का हरियाणा दौरा 13 अक्टूबर की देर शाम अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे शुभारंभ कार्यक्रम भी स्थगित हो गया। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी हिसार एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दौरान कॉलेज के वर्चुअल शुभारंभ की तैयारी थी, जिसे अंतिम समय में टाल दिया गया था।
प्रशासन ने कर ली थी पूरी तैयारी
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं पहले से शुरू हैं, लेकिन आधिकारिक उद्घाटन नहीं होने से कई सुविधाओं का विस्तार रुका हुआ है। 9 और 13 अक्टूबर को उपायुक्त साहिल गुप्ता द्वारा कॉलेज का निरीक्षण किया गया और तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था। पंडाल, प्रसारण और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं।
एमबीबीएस की 100 सीटों पर हो रहे दाखिले
कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत हैं। इनमें से अब तक 80 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं और तीसरे चरण की काउंसिलिंग जारी है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. धीरज परिहार ने बताया कि कॉलेज में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वर्तमान में चालू सेवाएं (ओपीडी)
बाल रोग विभाग
चर्म रोग विभाग
सामान्य रोग विशेषज्ञ
मनोरोग विशेषज्ञ
हड्डी रोग विभाग
फार्मेसी
लैब, इंजेक्शन, पंजीकरण व पूछताछ केंद्र
-
इस तरह चली शुभारंभ की तैयारियां
- 9 अक्तूबर को डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों सहित हांसी रोड स्थित मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
- 13 अक्तूबर को डीसी ने एक बार फिर समीक्षा बैठक कर अधिकारियों से शुभारंभ की तैयारियों की जानकारी हासिल की।
- 13 अक्तूबर को देर शाम प्रधानमंत्री का हरियाणा दौरा रद्द किया। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को भी टाल दिया गया।
-
अप्रैल में भी टला था शुभारंभ
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन की तैयारियां अप्रैल 2025 में भी जोर-शोर से की गई थीं, लेकिन अंतिम समय पर शुभारंभ टाल दिया गया था।
8 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन की चर्चाएं शुरू हुईं।
9 अप्रैल : नागरिक अस्पताल परिसर में भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
9 अप्रैल : नागरिक अस्पताल की ओपीडी को मेडिकल कॉलेज भवन में शिफ्ट करने का काम शुरू हुआ।
10 अप्रैल : अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कॉलेज का निरीक्षण किया। साथ में निदेशक यशेंद्र सिंह, तत्कालीन डीसी महावीर कौशिक, एसडीएम महेश कुमार, लोहारू एसडीएम मनोज दलाल और सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य भी मौजूद रहे।
10 अप्रैल : मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं शुरू की गईं। पांच विभागों में मरीजों का उपचार आरंभ हुआ।
11 अप्रैल : निदेशक यशेंद्र सिंह ने दोबारा निरीक्षण किया। पीजीआई रोहतक से 40 होमगार्ड सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए।
12 अप्रैल : डीसी महावीर कौशिक ने व्यवस्थाओं का पुनः निरीक्षण किया।
13 अप्रैल : सिविल सर्जन व कुछ चिकित्सक कॉलेज में मौजूद रहे, लेकिन कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। दोपहर तक उद्घाटन टलने की सूचना मिली, पर कोई अधिकारी पुष्टि करने को तैयार नहीं था।
14 अप्रैल : उद्घाटन टलने की औपचारिक पुष्टि हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो हिसार कार्यक्रम में आए थे, मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किए बिना ही लौट गए।