भिवानी। किसानों की महीनों की मेहनत पर बरसाती जलभराव ने पानी फेर दिया है। जिले के भिवानी, बवानीखेड़ा और तोशाम खंड के 25 से अधिक गांवों में बरसाती पानी भर जाने से खरीफ सीजन की पकी फसल खेतों में ही सड़ने लगी है। कई जगहों पर कपास, बाजरा, मूंग और ज्वार जैसी फसलें जलभराव में डूबकर फिर से अंकुरित हो गई हैं।
कुछ गांवों में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि आबादी क्षेत्र में भी पानी भरने के कारण परिवारों को पलायन करना पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से तैयार हुई फसल कटाई से पहले ही तबाह हो चुकी है जिससे किसान रबी सीजन की बिजाई को लेकर भी नाउम्मीद हो गए हैं।
जिले में करीब साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर किसान फसल उगाते हैं। इस बार लगभग ढाई लाख एकड़ में कपास, तीन लाख एकड़ में बाजरा और करीब 75 हजार एकड़ में धान की रोपाई हुई थी। इसके अलावा चारा सहित अन्य फसलें भी बोई गईं लेकिन सितंबर की बारिश ने कटाई से पहले ही चार से पांच फीट तक पानी भरकर खेतों को तबाह कर दिया। किसान अब फसल कटाई में अतिरिक्त खर्च करना भी व्यर्थ मान रहे हैं क्योंकि फल पहले ही नष्ट हो चुका है।
जिले के इन गांवों में तबाह हो चुकी है किसानों की फसल
बरसाती जलभराव की वजह से किसानों की फसलें गांव सागवान, दांग खुर्द, दांग कलां, तिगड़ाना, प्रेमनगर, धनाना, चांग, जूई खुर्द, जुई बिचली, जुई कलां, ढांगर, ढाबढानी, लालावास, लोहानी, पोहरकवास, आजाद नगर, खैरपुरा, नंगला, गोलागढ़, दिनोद, मालवास, कोहाड़, कुसुंभी, हालुवास, बापोड़ा, बीरन, कुंगड़, भैंणी, रतेरा, जमालपुर, सीपर, सिवाड़ा, पुर, मिल्कपुर, तालू, मुंढाल सहित कई गांवों में पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
15 तक खुला रहेगा क्षतिपूर्ति पोर्टल
बरसाती जलभराव से खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। किसान 15 सितंबर तक पोर्टल पर अपनी फसलों के नुकसान का ब्योरा अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद गिरदावरी करवाकर नुकसान की भरपाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर पोर्टल पर दावा जरूर दर्ज करें।
जलभराव के कारण हमारी फसल पूरी तरह खराब हो गई है। खेतों में खड़ी कपास की फसल लगातार बारिश से अंकुरित होने लगी है। बिजाई से लेकर फसल तैयार करने तक काफी खर्च हो चुका है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। - संदीप, किसान, गांव दांग
हजारों रुपये खर्च कर खरीफ की फसल तैयार की थी लेकिन ज्यादा बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। खेतों में पानी भरा है, जिससे रबी की फसल की बिजाई भी मुश्किल है। अब आर्थिक संकट से उबरना चुनौती है। - ओमबीर, किसान, गांव दांग
जलभराव के कारण खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। जिले में फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसान पोर्टल पर दावा कर सकते हैं। - डॉ. विनोद फोगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी