मोदी सरकार व केंद्रीय संगठन के ‘दूतों’ ने शुक्रवार रात हजकां से गठबंधन के नफे-नुकसान व टिकट वितरण के अलावा जिताऊ प्रत्याशी और सटीक रणनीति जैसे अहम मुद्दों पर कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। छह जिलों के 25 विधानसभा क्षेत्रों के लगभग सौ कार्यकर्ता-पदाधिकारियों से सरकार-संगठन के दूतों ने बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे गुफ्तगू की। मीडिया के अलावा कई स्थानीय नेताओं तक की कमरे में एंट्री नहीं हो पाई। सिटी एमएलए तक अंत में बैठे दिखाए दिए।
तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से शुक्रवार रात आठ बजे के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बाल्याण यहां पहुंचे। घंटेभर पहले राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र यादव बैठक में पहुंचे। केंद्रीय मंत्री बैठक में एंट्री करने से पहले मीडिया के लोगों से संक्षिप्त बातचीत की। हजकां से गठबंधन का भविष्य व सीटों का बंटवारा और सन्निकट विधानसभा चुनाव से जुड़े सवालों को यह कहते हुए टाल दिया कि हरियाणा में भाजपा चुनाव जीते और सरकार बनाए, इसी रणनीति पर विचार करने के लिए यह बैठक हो रही है।
सूत्र बताते हैं कि भिवानी समेत छह जिलों के 25 विधानसभा क्षेत्रों के करीब सौ चुनिंदा कार्यकर्ता-पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। प्रदेश में इस तरह की चार बैठकों में हुए राजनीतिक मंथन की रिपोर्ट 27 जुलाई को केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएगी। राज्य में हजकां के साथ गठबंधन के भविष्य से लेकर अन्य मुद्दों पर छाया असमंजस का कोहरा इस रिपोर्ट के बाद ही छंटने की उम्मीद है। बैठक में भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद धर्मवीर सिंह, लोकल विधायक घनश्याम सर्राफ के अलावा पूर्व मंत्री गणेशीलाल व कैलाश शर्मा, नृपेंद्र सिंह, ऋषिप्रकाश शर्मा, ताराचंद अग्रवाल, युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गौड़, सोमवीर सांगवान, बलवान सिंह, बलवान जांगड़ा, डा. अमरजीत सिंह, डा. पूर्णचंद सेन आदि मौजूद थे।
हरियाणा सूखे की रिपोर्ट दे, हम राहत पैकेज देंगे
प्रदेश में सूखे की स्थिति है तो हरियाणा सरकार इसकी रिपोर्ट पेश करे। केन्द्र सरकार उसके अनुसार राहत पैकेज देने के लिए तैयार है। यह कहना है केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बाल्यान का। विस चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने आए केन्द्रीय मंत्री ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में कृषि की बेहतरी के लिए कुल 205 सिफारिशें की गई है, इसमें 175 को स्वीकार कर लिया गया है। 50 प्रतिशत लागत निर्धारित करने सम्बन्धी सिफारिश केन्द्र सरकार के घोषणा पत्र में शामिल है। इसे भी जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। बदहाली दूर कर किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए केन्द्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसका असर भी शीघ्र ही दिखने लगेगा।
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