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Bhiwani News: बाढ़ ने उजाड़ा...जनसहयोग से संवरा शिक्षा का आंगन, प्रेमनगर की पंचायत, शिक्षा समिति और ग्रामीणों ने लाखों रुपये खर्च कर किया जीर्णोद्धार

Sat, 26 Sep 2026 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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प्रेमनगर का विद्यालय। 
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तिगड़ाना। सरकारी स्कूलों के प्रति समाज की सोच बदलने और जनसहभागिता से शिक्षा में बदलाव की मिसाल गांव प्रेमनगर में सामने आई है। ग्राम शिक्षा समिति, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से राजकीय हाई स्कूल का सफल कायाकल्प किया गया है।
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कभी बरसाती जलभराव से जूझ रहा यह विद्यालय अब उच्च कोटि के मॉडल विद्यालय के रूप में नजर आता है। भिवानी के खंड शिक्षा अधिकारी युद्धबीर सिंह ने शुक्रवार को निरीक्षण टीम के साथ स्कूल का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल प्रांगण, पौधरोपण, साफ-सफाई, मिड-डे मील, वित्तीय व प्रशासनिक रिकॉर्ड और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि यह स्कूल भिवानी ही नहीं, पूरे हरियाणा में उत्कृष्ट विद्यालयों की श्रेणी में गिना जा रहा है। पिछले वर्ष बरसाती जलभराव के कारण स्कूल परिसर में कई महीनों तक करीब तीन फीट पानी जमा रहा था। इससे फर्नीचर, कक्षा कक्ष, प्रयोगशालाओं और भवन को भारी नुकसान पहुंचा। परिसर में खड़े कई पेड़ भी सूख गए थे। इससे शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।
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विद्यालय की बदहाल स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त प्राचार्य रमेश बूरा ने संभाली। सरपंच राजेश कुमार और ग्राम शिक्षा समिति के प्रधान जोगिन्द्र सिंह ने भी सहयोग दिया। ग्राम पंचायत और शिक्षा समिति के आर्थिक योगदान से एक वर्ष में विद्यालय की तस्वीर बदल गई। भवन की मरम्मत कराई गई।
प्रांगण को पक्का किया गया। कक्षाओं की स्थिति सुधारी गई। पौधरोपण से परिसर को हरा-भरा बनाया गया। स्कूल में मैथ्स लैब, साइंस लैब, आर्ट रूम, लाइब्रेरी, खेल ग्राउंड और सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया। दीवारों पर पेंटिंग से परिसर को आकर्षक रूप दिया गया।
बीईओ युद्धवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाओं को उच्च कोटि का बताया। विद्यालय के कायाकल्प में ग्रामीणों की भागीदारी ने बेहतरीन मिसाल कायम की है। स्कूल प्रबंधन के साथ पंचायत और शिक्षा समिति ने जरूरत के अनुसार काम कराए। जलभराव से क्षतिग्रस्त संसाधनों को दुरुस्त करने के साथ विद्यालय के वातावरण पर ध्यान दिया गया। इससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल तैयार हुआ है।
सेवानिवृत्त प्राचार्य रमेश बूरा ने कहा कि विद्यालय की बदतर हालत को सुधारना उनके लिए जिम्मेदारी था। उन्होंने एक वर्ष तक प्रयास किए। ग्राम पंचायत, शिक्षा समिति और स्कूल स्टाफ ने पूरा सहयोग दिया। सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि जलभराव से भवन को भारी नुकसान हुआ था। स्थानीय लोगों और पंचायत के सहयोग से विद्यालय का जीर्णोद्धार पूरा हो चुका है।
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