भिवानी। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की भिवानी शाखा ने संजीवनी अभियान के तहत पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण देकर लोगों की जान बचाने के प्रति जागरूक करना था।
जिला कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. राज मेहता ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ न करने से बेहतर है कि कुछ किया जाए के संदेश के साथ संजीवनी अभियान लोगों को सीपीआर सीखने और जीवन बचाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
शिविर में डॉक्टरों, नर्सों, विभागीय अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ सहित 100 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। सभी को सीपीआर और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर (एईडी) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कार्डियक अरेस्ट के लक्षण पहचानने, मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तुरंत 112 या एंबुलेंस सेवा को सूचना देने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही 100 से 120 प्रति मिनट की गति से छाती के बीचों-बीच दबाव देने तथा एईडी उपलब्ध होने पर उसके निर्देशों के अनुसार शॉक देने का अभ्यास कराया गया।
शिविर का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर एक ही दिन में 50 हजार से अधिक लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण देने के अभियान में योगदान देना था। इसके माध्यम से भिवानी को भी सीपीआर-रेडी इंडिया अभियान से जोड़ा गया।
उन्होंने बताया कि 100 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण देकर जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य, डॉ. सुमन विश्वकर्मा, अध्यक्ष डॉ. महावीर लाकड़ा, सचिव डॉ. आयुष अग्रवाल, प्रशिक्षक डॉ. रीता सिसौदिया, डॉ. पूजा अहलावत और डॉ. सौम्या मौजूद रहे।