जूई। दान में मिली सात एकड़ खेतिहर भूमि और पुश्तैनी हवेली के स्वामित्व को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर जूई कलां के राजकीय पशु अस्पताल में जूई कलां, जूई खुर्द और जूई बिचली के ग्रामीणों की संयुक्त पंचायत आयोजित की गई। पंचायत की अध्यक्षता होशियार सिंह भांबू ने की।
पंचायत में जूई कलां के सरपंच पवन रापड़िया, सोमबीर शर्मा, नरेश शर्मा तथा मेवा पत्नी मांगे राम ने बताया कि लगभग 60 वर्ष पूर्व गांव के दानवीर सेठ चदंगी राम ने अपनी सेवा में रहने वाले एक ब्राह्मण परिवार को सात एकड़ खेतिहर भूमि और अपनी पुश्तैनी हवेली दान स्वरूप दी थी। हवेली पुरानी और जर्जर हो चुकी थी जिसे एक लाख रुपये खर्च कर समतल करवाया गया।
आरोप है कि गांव के पूर्व सरपंच रणबीर मलिक एवं उनके परिवार ने हवेली को समतल करने के बाद उस पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है तथा संबंधित खेतिहर भूमि पर भी कब्जा कर रखा है।
पीड़ित पक्ष के सोमबीर, नरेश और मेवा पत्नी मांगे राम ने पंचायत में कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं और प्रभावशाली पक्ष दबाव बनाकर उन्हें संपत्ति से बेदखल करना चाहता है। मामले पर चर्चा के बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से कहा कि यदि किसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा किया गया है तो यह गैरकानूनी है तथा गांव के सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। पंचायत ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही मेवा पत्नी मांगे राम ने मामले की शिकायत जूई थाना में भी दी है।
पंचायत ने थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव को मौके पर बुलाया। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों से जमीन संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं तथा दो दिन के भीतर जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लगाए गए सभी आरोप निराधार : पूर्व सरपंच
पूर्व सरपंच रणबीर मलिक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित जमीन और मकान उन्होंने विधिवत खरीद रखे हैं। उन्होंने कहा कि गांव के प्लॉट लाल डोरे के अंतर्गत आते हैं और बिना कारण मामले को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। पंचायत ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। इस अवसर पर रोशन लाम्बा, सुरेश शर्मा, पूर्व सरपंच राजपाल सिंह, बृजेश बीडीसी, नरेश रापड़िया उपस्थित थे।