बहल। नहरी पानी की अधिकता और उसके तेज वेग को झुंपा डिस्ट्रीब्यूटरी नहीं झेल पाई। पानी ओवरफ्लो होने के कारण झुंपा डिस्ट्रीब्यूटरी की नहर नांगल गांव में बुर्जी नंबर 117 के पास करीब पांच फुट लंबाई तक टूट गई। इससे नहर के साथ लगते खेतों में पानी भर गया और करीब दस एकड़ से ज्यादा भूमि में लगी कपास, मूंग आदि फसलें नष्ट हो गईं। किसान के खेत में बना बोरिंग भी धंस गया। इससे नांगल गांव के किसानों की करीब दस एकड़ से ज्यादा की भूमि जलमग्न हो गई। विभाग ने 12 घंटे के बाद शनिवार को करीब चार बजे तक टूटी डिस्ट्रीब्यूटरी को पाट कर ठीक किया।
शुक्रवार रात करीब दो बजे यह नहर टूटी थी। नहर में पानी ओवरफ्लो होने से किसान पहले से ही इससे चिंतित थे। वे करीब 12 बजे तक वहीं रुके थे लेकिन उनके घर जाने के बाद नहर टूट गई। किसानों का अनुमान है कि नहर का पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगा तो नहर का करीब पांच फीट तक का हिस्सा ढह गया।
किसान सुमेर झाझड़िया के खेत में 20 कनाल में लगी कपास, पांच एकड़ में मूंग और बाजरा की फसल पानी में डूब गई। किसान की करीब ढाई एकड़ की ड्रिप और एक बोरिंग मिट्टी में धंसकर खराब हो गए। नहर के साथ लगते खेतों में पानी भरने से किसान अमर सिंह, सुरेंद्र, फूल सिंह, जगपाल, आजाद कौर, करण सिंह, गुणपाल, वेदपाल को फसलों में नुकसान हुआ है।
नांगल गांव निवासी किसान सुमेर ने बताया कि नहर में करीब सालभर पहले पानी आया था। उसके बाद केवल एक दो फुट तक पानी आता रहा लेकिन 28 जून को नहर में अचानक इतना पानी छोड़ दिया गया कि नहर भर गई। नहर पुरानी व जर्जर होने से इसमें कई जगह पर जंगली जंतुओं ने बिल बना रखे हैं। इससे इसकी तलहटी और किनारा कमजोर हो चुका है।
यही वजह रही कि नहर पानी को झेल नहीं पाई और नहर की खोखली हो चुकी दीवारें ढह गईं। किसानों ने प्रशासन से मौका मुआयना कर फसल के नुकसान की भरपाई की मांग की है। वहीं, विभाग ने नहर का पानी बंद करके 12 घंटे के बाद शनिवार करीब चार बजे तक टूटी डिस्ट्रीब्यूटरी को पाट कर ठीक कर दिया।
झुंपा डिस्ट्रीब्यूटरी के पास नांगल गांव में जोहड़ को भरने के लिए पंचायत ने नहर किनारे एक हौद (टैंक) बनाया है। जोहड़ और हौद के बीच की लाइन को किसी ने अवरुद्ध कर दिया। इससे हौद ओवरफ्लो होता रहा और बाद में पानी खेतों में चला गया। हौद और नहर के बीच लगी आउटलेट में किसी ने छेड़छाड़ की है। इससे नहर पर पानी का दबाव बना है। विभाग ने शनिवार को डिस्ट्रीब्यूटरी को पाट कर ठीक कर दिया है। - सुधीर कुमार, जेई, नहर विभाग, भिवानी।