तोशाम। एसडीएम रवि मीणा (आईएएस) ने बताया कि सरकार की ओर से दुधारू पशुओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
तोशाम उपमंडल के 13 राजकीय पशु चिकित्सालयों में मुर्राह नस्ल की भैंस, हरियाणा एवं साहीवाल नस्ल की गायों के दूध उत्पादन का आकलन किया गया है। अब तक 59 पशु इस प्रक्रिया में सफल घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें 32 गाय और 27 भैंस शामिल हैं। योजना के तहत पशुपालकों को उच्च दूध उत्पादन वाले पशुओं पर 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
एसडीएम ने बताया कि मुर्राह नस्ल की भैंसों के लिए 18–22 किलोग्राम प्रति दिन दूध पर 20 हजार, 22–25 किलोग्राम पर 30 हजार और 25 किलोग्राम से अधिक दूध पर 40 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसी प्रकार, हरियाणा नस्ल की गायों को 8–10 किलोग्राम दूध पर 15 हजार, 10–12 किलोग्राम पर 20 हजार और 12 किलोग्राम से अधिक दूध पर 25 हजार रुपये प्रोत्साहन स्वरूप मिलते हैं। साहीवाल नस्ल की गायों के लिए भी 10–12 किलोग्राम पर 15 हजार, 12–15 किलोग्राम पर 20 हजार और 15 किलोग्राम से अधिक दूध पर 25 हजार रुपये का प्रावधान है।
जल्द जारी की जाएगी प्रोत्साहन राशि
पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि तोशाम, सागवान, रिवासा, बजीना, ढाणी माहू, खरकड़ी माखवान, पटौदी, संडवा, ईशरवाल, मंढान, मिरान, कैरू, आलमपुर, कतवार, दरियापुर, और गारनपुरा कलां सहित कई गांवों की गाय-भैंसें दूध रिकॉर्डिंग में सफल रही हैं। इन पशुओं को जल्द ही प्रोत्साहन राशि जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण नस्लों को बढ़ावा देने और पशुधन के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।