जलघर के नए टैंक में दरार, बाहरी दीवारों में भी पानी की लीकेज होती है।
भिवानी। करीब पांच दशक पुराने जलघर के दलदली टैंक की भूमि पर नया टैंक बनाने के बाद अब दरकने से दीवारों में भी दरारें आने लगी हैं। जिसकी वजह से नगर परिषद और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों में तकरार भी बढ़ गई है। नए टैंक की बाहरी दीवार भी लीकेज होने से पानी व्यर्थ में बह रहा है। अभी तक नए वाटर टैंक को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने अपने सुपुर्द नहीं लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मानक पूरे नहीं होंगे टैंक नहीं लेंगे। वहीं निर्माण एजेंसी भी अब टैंक निर्माण की खामियों को दूर करने में जुट गई है।
दरअसल महम रोड स्थित पुराने जलघर में दो पुराने टैंकों को तोड़कर उनकी जगह नया वाटर टैंक का निर्माण करीब ढाई साल पहले शुरू किया गया था। एजेंसी ने नया टैंक बनाने से पहले पुराने टैंक की दलदली मिट्टी को भी निकाला था, जिसके बाद वहां सूखा रेत डाला गया था। लेकिन इसके बावजूद भी दलदली जमीन भूमिगत जलस्तर ऊंचा होने की वजह से परेशानी बन रही थी। एजेंसी ने चुनौतियों के बावजूद नए टैंक की करीब आठ से दस फुट ऊंचाई तक बाहरी दीवारें कंक्रीट से बना दी। टैंक को टेस्टिंग के तौर पर पानी भरा गया तो वह लीक हो गया। पिछले एक माह से नया टैंक लीक हो रहा है। जिसकी वजह से हजारों लीटर पानी भी आसपास के इलाके में व्यर्थ बह रहा है। नहीं निर्माण एजेंसी नए टैंक के साथ ही दो और पुराने टैंक तोड़कर दूसरा नया टैंक बनाने में जुटी है। हालांकि पहले बनाए गए नए टैंक की लीकेज की वजह विभाग के तकनीकी जानकार दलदली भूमि दरकने की वजह से मान रहे हैं। जिससे टैंक के बाहरी ढांचे में कई जगह दरारें आ गई हैं। अभी एजेंसी नए टैंक में आई दरारों को पाटकर उसे दुरुस्त करने में लगी है। लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टैंक की गुणवत्ता को लेकर भी आशंकित हैं, क्योंकि अगर टैंक सही मानकों पर खरा नहीं उतरा तो फिर शहर की प्यास बुझाने में लीकेज ही सबसे बड़ी परेशानी बन जाएगी।
18 करोड़ की लागत से बना है नया टैंक अमरूत योजना के तहत नगर परिषद ने करीब 18 करोड़ की लागत से पुराने जलघर में नया वाटर टैंक तैयार कराया है। इस टैंक की पानी भंडारण क्षमता भी 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर की है। ये टैंक एक बार पूरी तरह से भरे जाने पर 20 दिनों तक पुराने शहर के लोगों की प्यास बुझाने में भी सक्षम है। लेकिन नए टैंक की दरारों ने एक बार अधिकारियों में तकरार जरूर बढ़ा दी है।
अधिकारी बोले
नया टैंक टेस्टिंग के दौरान ही दूसरी बार लीक हो गया है। टैंक निर्माण में काफी खामियां सामने आई हैं। टैंक अमरूत के तहत नगर परिषद ने बनाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसकी नियमित निगरानी नहीं की। अभी तक इस टैंक को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अपने सुपुर्द नहीं लिया है। मानक पूरे होने के बाद ही इसे हैंडओवर लेंगे।
-सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।