भिवानी। अकेलेपन की लाचारी और बीमारी से तंग आकर दंपती ने ट्रेन से कटकर अपनी जिंदगी शनिवार को समाप्त कर ली थी। दोनों में जीने की चाह मिट चुकी थी।
बठिंडा-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के आगे गांव ढाणा लाडनपुर के समीप शनिवार देर रात करीब सवा दो बजे दंपती ने अचानक छलांग लगा दी थी। ट्रेन की रफ्तार की वजह से दोनों के शरीर के टुकड़े 50 मीटर दूर तक बिखरे हुए राजकीय रेलवे पुलिस को मिले थे। रविवार सुबह राजकीय रेलवे पुलिस ने दोनों के शवों को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था।
सोमवार को मृतक दंपती की पहचान हो पाई। मृतक नांगल गांव निवासी 50 वर्षीय जोगेंद्र और उनकी 47 वर्षीय पत्नी सुशीला थीं। परिजनों ने बताया कि जोगेंद्र निजी स्कूल वैन चालक थे। उनकी दो बेटियां हैं। दोनों ही बेटी शादी के बाद अपनी ससुराल में रह रही हैं। जोगेंद्र और उसकी पत्नी सुशीला बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें अकेलापन और बीमारी दोनों ही धीरे-धीरे मौत की तरफ धकेल रही थी। इसी के चलते दोनों ने ये आत्मघाती कदम उठाया।
दोनों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम
जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी करने के मामले में राजकीय रेलवे पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। राजकीय रेलवे पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई विष्णु ने महिला सुशीला के शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं, जीआरपी इंचार्ज एएसआई बलवंत ने जोगेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के चचेरे भाई के बयान दर्ज कर इस संबंध में इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की गई है।