भिवानी। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महावीर कौशिक ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव में प्रचार के दौरान प्रत्याशी की ओर से भेजे गए थोक एसएमएस का खर्च भी उसके चुनावी खर्च में जुड़ेगा। ये एसएमएस ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट संदेश आदि किसी भी प्रकार के हो सकते हैं। थोक एसएमएस के लिए मीडिया निगरानी समिति (एमसीएमसी) से अनुमति लेनी होगी।
कौशिक ने राजनीतिक दलों के सदस्यों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग की ओर से सोशल मीडिया के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मतदान की समाप्ति से 48 घंटे पहले तक की अवधि के दौरान राजनीतिक प्रकृति के थोक एसएमएस भेजने पर प्रतिबंध रहेगा। चुनाव प्रचार के दौरान मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को ऐसे थोक एसएमएस की जानकारी एमसीएमसी के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला में एमसीएमसी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। किसी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आक्षेप, किसी जाति, धर्म पर गलत टिप्पणी की गई तो ऐसे एसएमएस भेजने वाले का पता लगाकर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था में सुधार करने वाला बने विधायक
हरियाणा विधानसभा के इस चुनाव में मैं पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करुंगा लेकिन मेरा पहला वोट ऐसे प्रत्याशी को जाएगा जो चुनने के बाद व्यवस्था सुधार के लिए काम करेगा। आज हर विभाग में व्यवस्था बिगड़ी है। अगर व्यवस्था सुधरेगी तो लोगों के रुके हुए काम भी होंगे। ज्यादातर युवाओं को ही दिक्कतें आती हैं। -ललित