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Bhiwani News: व्यावसायिक और औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को निगम ने थमाए मोटी रकम के बिल

Mon, 23 Sep 2024 04:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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संजय वर्मा
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भिवानी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने व्यावसायिक और औद्योगिक बिजली संयोजन धारक उपभोक्ताओं को मोटी रकम के बिल थमाकर जोर का झटका दिया है। चुनावी माहौल के बीच भारी भरकम बिल देखकर उपभोक्ताओं का पसीना छूट रहा है।

डीएचबीवीएन की नई नीति के मुताबिक 20 किलोवाट तक स्वीकृत भार वाले (एलटी आपूर्ति) उपभोक्ताओं को केवल केवीएएच दर पर बिल दिया जाएगा। इसमें केवल किलोवाट घंटे में बिलिंग की छूट होगी। उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग भी केवीएएच के अनुरूप ही ली जाएगी जबकि अधिकतर व्यावसायिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों में केवीएएच दर के हिसाब से रीडिंग ही नहीं उठाई। अब उन्हें शून्य रीडिंग पर भी मोटी रकम का बिल थमा दिया गया है।
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अकेले भिवानी सर्कल में करीब 50,000 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर में गलत बिल दिए गए हैं। निगम ने भी इसका संज्ञान लेते हुए अब व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के मीटर रीडिंग का डाटा मांगा है। इसके आधार पर गलत बिलों को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन बिजली मीटरों में केवीएएच दर से रीडिंग नहीं दर्ज हो रही है, उन मीटरों को बदला जाएगा।



डीएचबीवीएन पहले व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के 20 किलोवाट तक स्वीकृत भार वाले उपभोक्ताओं को किलोवाट आवर (केडब्ल्यूएच) दर से बिजली बिल जारी करता था, मगर अब निगम ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब किलोवाट आवर्स (केडब्ल्यूएच) के बजाय किलो वोल्ट-एम्पीयर आवर्स (केवीएएच) के बिल तैयार किए गए हैं।

सितंबर में गैर घरेलू श्रेणी (एनडीएस) उपभोक्ताओं को भी इस दर के बिल थमाए गए हैं, जो अधिकतर गलत हैं। क्योंकि इस श्रेणी में मीटरों में रीडिंग की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संबंधित उपभोक्ता अब मोटी रकम का बिल देखकर घबरा गए हैं। उनका कहना है कि बिजली निगम ने चुनावी माहौल में अचानक हजारों उपभोक्ताओं को जोर का झटका दिया है।





निगम से तीन माह पहले लिया था कनेक्शन, थमा दिया छह हजार का बिल



गांव चांग निवासी प्रवीण ने बताया कि उनकी किराना की दुकान है। करीब तीन माह पहले ही दुकान मालिक ने एनडीएस श्रेणी का नया बिजली कनेक्शन कराया था, दो माह तक तो बिल ठीक आया। सितंबर में छह हजार रुपये का बिल थमा दिया गया। इसे देखकर चिंता बढ़ गई। गांव में ज्यादातर समय बिजली ही नहीं रहती। पहले वह मुश्किल से करीब 600 यूनिट का बिल भरते थे लेकिन अब 920 यूनिट से अधिक का खर्चा दर्शाया गया है। बिल ठीक कराने के लिए भी उन्हें चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।


शून्य रीडिंग पर भी दिया 20,000 रुपये का बिल

नया बाजार निवासी दुकानदार महावीर ने बताया कि उसका हर माह औसतन पांच से सात हजार रुपये बिल आता था लेकिन सितंबर में उसका बिल 20,000 रुपये का आया है जबकि बिल में शून्य यूनिट अंकित है। अन्य दुकानदारों को भी ऐसे बिल थमाए गए हैं। वह पूछताछ के लिए निगम दफ्तर में गए तो बताया गया कि दर बदली गई है। निगम ने अचानक कोई बदलाव किया, लेकिन इसका खामियाजा उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है।
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व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को बिलों में बदलाव किया गया है। पहले केडब्ल्यूएच के हिसाब से रीडिंग ली जाती थी, लेकिन अब एलटी उपभोक्ताओं की यूनिट केवीएएच टैरिफ के हिसाब से दर्ज की जा रही है। जिन मीटरों में ये सुविधा उपलब्ध नहीं है उन्हें भी बदला जाएगा। फिलहाल निगम रीडिंग का डाटा जुटा रहा है। यह डाटा मिलने के बाद ही गलत बिलों को सुधारा जाएगा। -विजेंद्र सिंह लांबा, जीएम, भिवानी वृत्त, डीएचबीवीएन।
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