भिवानी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी महावीर कौशिक ने जिले में पंजीकृत सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पर्चे, पोस्टर, संबंधित सामग्री की छपाई और प्रकाशन संबंधी निर्देश जारी किए हैं। डीसी ने बताया कि सभी पंजीकृत मुद्रकों और प्रकाशकों को चुनाव पर्चे, पोस्टर की छपाई के लिए कई औपचारिकताओं को पूरा करना होगा अन्यथा उनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 ए के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डीसी महावीर ने कहा प्रिंटिंग प्रेस मालिक बिना जांच किए नियमों के विरुद्ध कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित न करें। चुनाव के दौरान मुद्रक और प्रकाशक के नाम के बिना चुनाव से संबंधित पर्चे और पोस्टर छापना जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले मुद्रक के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें छह महीने की सजा से लेकर प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित की गई है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके पर्चे और पोस्टर आदि के खर्च का भी पूरा हिसाब किताब रहे। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव से संबंधित पर्चे और पोस्टर आदि उसी स्थिति में छापें जब सामग्री छपवाने वाला व्यक्ति हलफनामे के साथ दो गवाह दे और उनके हस्ताक्षर भी लेने जरूरी हैं।
ऐसे पोस्टर व पर्चे छापने के बाद उनकी एक कॉपी डीसी को भेजनी होगी और राज्यस्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारी को कॉपी भेजकर यह बताना होगा कि अमुक व्यक्ति ने चुनाव से संबंधित कितनी संख्या में पोस्टर या पर्चे छपवाएं हैं। उनके खर्च का भी विवरण देना होगा। प्रचार सामग्री की कॉपी करना भी इसी श्रेणी में आता है। चुनाव के पर्चे, पोस्टर का अर्थ प्रचार के लिए प्रयोग किए जाने वाले उन सभी दस्तावेजों से है, जिनमें किसी भी राजनीतिक दल या विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार से संबंधित प्रचार की जानकारी हो।