भिवानी। नगर परिषद भिवानी सफाई के नए पैरामीटर में उलझी हुई है जबकि मंदिरों के शहर ‘छोटी काशी’ में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ढांचागत सुविधा विस्तार और स्वीपिंग मशीन की खरीद के बाद नगर परिषद ने ठेकेदार से अधिकांश क्षेत्रों में सफाई कार्य भी वापस ले लिया है लेकिन तीन स्तर पर प्रस्तावित सफाई व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो पाई है।
नगर परिषद ने करीब 32 करोड़ रुपये के पांच वर्षीय सफाई कार्य का संशोधित मसौदा एक बार फिर मुख्यालय भेजा है। इससे पहले भी इस योजना में कई बार बदलाव हो चुके हैं लेकिन पिछले तीन वर्षों से तीन-स्तरीय सफाई प्रणाली का यह मॉडल धरातल पर नहीं उतर पाया है। साथ ही शहर में करीब 350 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति भी लंबित है जो सरकार के नए मानकों के अनुसार की जानी है।
करीब पौने तीन लाख आबादी वाले 31 वार्डों के भिवानी शहर में कई नई कॉलोनियां जुड़ चुकी हैं लेकिन बाहरी क्षेत्रों में अब तक नियमित सफाई व्यवस्था नहीं है। नए पैरामीटर के अनुसार इन क्षेत्रों में भी सफाई कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान किया गया है।
शहर के मुख्य रास्तों व सर्कुलर रोड पर स्वीपिंग मशीन से की जा रही सफाई
नगर परिषद में हाल ही में आई नई स्वीपिंग मशीन ने शहर के मुख्य मार्गों और सर्कुलर रोड की सफाई का जिम्मा संभाल लिया है। हालांकि वार्डों के अंदरूनी हिस्सों में स्थिति अब भी खराब बनी हुई है। कई स्थानों पर खाली प्लॉट और खुली जगहें कचरा डंपिंग स्थल बन चुकी हैं जहां नियमित सफाई और कचरा उठान नहीं हो पा रहा है।
ये है सफाई का मास्टर प्लान
नगर परिषद ने सर्वे के बाद शहर के 31 वार्डों में 513 किलोमीटर क्षेत्र को सफाई कार्य के लिए चिह्नित किया है। योजना के तहत 300 वर्ग मीटर के वीआईपी क्षेत्र को प्रथम चरण में शामिल किया गया है जबकि दूसरे चरण में 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक सफाई कर्मचारी की तैनाती का प्रस्ताव है। तीसरे चरण में 700 वर्ग मीटर दायरे में भी एक कर्मचारी तैनात करने का प्रावधान है। भिवानी शहर से प्रतिदिन करीब 125 टन कचरा निकल रहा है जिसके निस्तारण के लिए ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।
गली न मोहल्ला, सिर्फ सफाई का हल्ला
शहर के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां न गली की नियमित सफाई है और न ही मोहल्लों में कचरा उठान की व्यवस्था। कोंट रोड, दिनोद रोड, ढाणा रोड की कॉलोनियां तथा बैंक कॉलोनी के विस्तारित क्षेत्र में सफाई व्यवस्था लगभग नहीं है। नगर परिषद के पास करीब 150 नियमित सफाई कर्मचारी ही बचे हैं जबकि कौशल रोजगार के तहत अनुबंध कर्मियों के सहारे काम चलाया जा रहा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए शहर में 600 से अधिक सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता बताई जा रही है।
हरियाणा सरकार के नए मानकों के हिसाब से भिवानी शहर में करीब 32 करोड़ की लागत से सफाई का नया मसौदा चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। अगले सप्ताह मैं खुद चंडीगढ़ जाकर इसकी मंजूरी के लिए पुरजोर पैरवी करूंगा। उम्मीद है कि इसी माह पूरे शहर के सफाई मसौदे को मुख्यालय की मंजूरी की मोहर लग जाएगी। पहले भेजे गए मसौदे में थोड़ा बहुत बदलाव हुआ है। -भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।