भिवानी। सुबह-शाम तेज शीतलहर और दोपहर में तेज धूप के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राजकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, खांसी, जुकाम और नजला जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यह समस्या विशेष रूप से बच्चों और वृद्धों में अधिक देखी जा रही है। रविवार को मेडिकल कॉलेज में ओपीडी बंद होने के कारण निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ सामान्य से दोगुनी रही।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है जिससे नाक से पानी बहना, छींके, शरीर में जकड़न, बुखार और खांसी जैसी समस्याएं आम हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बचाव के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि ठंडी और जमी हुई खाद्य सामग्री का सेवन कम करें, सुबह के समय धूप में बैठकर शरीर में विटामिन डी की पूर्ति करें और बाहर जाते समय गर्म कपड़े पहनें।
इसके अलावा बच्चों को लगातार गर्म पानी से हाथ-पांव धोने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने माता-पिता से कहा कि यदि बच्चों या वृद्धों को लगातार बुखार, खांसी, नजला या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हों तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि ऐसे मौसम में विशेष सावधानी रखने से बुखार और सर्दी-जुकाम की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। नागरिकों को ठंडे मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।