भिवानी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं के लिए स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। जिला में योजना के तहत 92 हजार 199 पात्र महिलाओं को लाभ मिला है। इससे उन्हें चूल्हे के धुएं और लकड़ी जुटाने की परेशानी से राहत मिली है। गैस चूल्हे पर खाना बनाना आसान हुआ है और महिलाओं का समय भी बच रहा है।
केंद्र सरकार ने अंत्योदय परिवारों की महिलाओं के लिए एक मई 2016 को उज्ज्वला योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य पारंपरिक चूल्हे के धुएं और लकड़ी जैसे ईंधन से होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी योजना का उद्देश्य है। पात्र महिलाओं को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। इसके साथ पहला भरा हुआ गैस सिलिंडर और गैस चूल्हा भी निशुल्क मिलता है। इसके बाद 500 रुपये में गैस सिलिंडर रिफिल होता है।
धुएं से होने वाली खांसी से थी परेशानी
गांव गारनपुरा निवासी रीना ने बताया कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते समय काफी धुआं होता था। इससे उन्हें खांसी और सांस संबंधी दिक्कत होती थी। उज्ज्वला योजना से एलपीजी कनेक्शन मिलने के बाद इस परेशानी से राहत मिली। गैस चूल्हे से रसोई भी साफ-सुथरी रहती है। पहले लकड़ियां इकट्ठी करने में परेशानी होती थी। बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती थी।
गांव कलाली निवासी भतेरी ने बताया कि लकड़ी के चूल्हे से घर में धुआं भर जाता था। इससे आंखों में पानी आता था और बच्चों को भी परेशानी होती थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह गैस चूल्हा नहीं ले सकी थीं। उज्ज्वला योजना से उनके घर में गैस चूल्हा आया और लकड़ी के चूल्हे से छुटकारा मिला।
गांव बड़वा निवासी सुरेंद्र ने बताया कि योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पत्नी के नाम गैस सिलिंडर के लिए आवेदन करवाया। अब परिवार में एलपीजी का उपयोग हो रहा है। 500 रुपये में सिलिंडर मिलने से परिवार को राहत है।
खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक अपार तिवारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध करवाकर उनके समय, स्वास्थ्य और घरेलू सुविधा में सुधार करना है। लाभार्थी महिलाओं को समय पर गैस की आपूर्ति की जा रही है। इससे महिलाओं को खाना बनाने में सुविधा मिली और परिवारों को राहत मिली भी।