भिवानी। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले तीन दिनों से तनाव भरे माहौल को लेकर जिला प्रशासन की सांसें अटकीं थीं। वहीं आम लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता बंदोबस्त करने में अधिकारी दिनरात जुटे रहे। शनिवार शाम को अंतर राष्ट्रीयस्तर पर सीजफायर निर्णय के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इससे पहले दिनभर अधिकारियों की बैठकों का दौर चला वहीं सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा से लेकर फिर से ब्लैक आउट की रिहर्सल पर भी मंथन हुआ। इसके लिए रविवार रात नौ से साढ़े नौ बजे तक ब्लैक आउट की रिहर्सल भी की जानी थी जो अब रद्द कर दी है। इसी के साथ जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया था।
वहीं युद्ध की संभावनाओं के चलते पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत चिकित्सकों, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं या अन्य जरूरी कार्यों में दक्षता हासिल करने वाले इच्छुक स्वयंसेवकों के लिए 12 मई से cdwarriors.gov.in नाम से पोर्टल चालू करने की भी तैयारी की थी। लेकिन अब हालात बिलकुल सामान्य है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी आह्वान किया है कि स्थिति अब सामान्य हैं किसी तरह की आशंका या अफवाह पर ध्यान न दें।
दिनभर चला अधिकारियों की बैठकों का दौर
लघु सचिवालय के डीआरडीए हाल में अधिकारियों के साथ दिनभर बैठकें चली। भारत-पाक के साथ मौजूदा हालातों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शनिवार को वीसी के माध्यम से जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि वे आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी प्रबंध पुख्ता करें और हर तरफ से निगरानी की जाए। आपातकाल की स्थिति के दौरान नागरिकों के लिए खाद्य सामग्री, चिकित्सा सेवाएं, तेल ईंधन आदि जरूरी सुविधाओं का होना सुनिश्चित करने के बारे में भी कहा गया था। अधिकारियों को भी तालमेल बैठाकर काम करने की हिदायतें दी गई थीं।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी 72 घंटों में किए जा रहे थे पुख्ता इंतजाम
भारत-पाक तनाव के बीच जिला प्रशासन पिछले 72 घंटों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी पुख्ता करने में जुटा था। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ-साथ आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया था। अस्पताल में जरूरी दवाओं के भंडारण से लेकर बेड की स्थिति पर भी अधिकारी निगरानी बनाए हुए थे। वहीं निजी अस्पतालों में बेड की स्थिति का भी आंकड़ा जुटाया जा रहा था।
आपात स्थिति में पानी की समुचित आपूर्ति और टैंकों की निगरानी के दिए थे निर्देश
डीसी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आपात स्थिति में पानी की समुचित आपूर्ति के साथ-साथ वाटर टैंकों की निगरानी भी की जाए। ब्लैक आउट और किसी भी आपात स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो और टैंकों की भी निगरानी बढ़ाई जाए। लेकिन हालात सामान्य होने के बाद अधिकारियों ने भी थोड़ी राहत महसूस की है।
बम पटाखों पर भी लगाई थी पाबंदी
आपदा प्रबंधन के तहत प्रशासन ने विवाह समारोह के दौरान बम पटाखों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी थी। जबकि विवाह समारोह के दौरान फ्लोरिंग लाइट जलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। सभी बैंक्वेट हॉल विवाह समारोह स्थल संचालक सरकार की हिदायतों की पालना के निर्देश दिए गए। लेकिन प्रशासन ने अब ये आदेश वापस ले लिए हैं।
सोशल मीडिया पर रखी जा रही पैनी निगरानी
हालांकि सीजफायर के निर्णय के बाद हालात सामान्य हो गए हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर भ्रामक व तथ्यहीन सामग्री पर पैनी निगरानी रखे हुए हैं। अफवाह या फिर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने दिए थे अधिकारियों को जरूरी निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शनिवार को वीसी के माध्यम से जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्त को निर्देश दिए कि थे कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी प्रबंध पुख्ता करें और हर तरफ से निगरानी की जाए। आपातकाल की स्थिति के दौरान नागरिकों के लिए खाद्य सामग्री, चिकित्सा सेवाएं, तेल ईंधन आदि जरूरी सुविधाओं का होना सुनिश्चित करने की हिदायतें भी दी थी।