कोर्ट के आदेश पर लोहारू में जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची अधिकारियों की टीम और विरोध करते स्थानीय
लोहारू। उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट शेखर नरवाल और थाना प्रभारी शिव कुमार के नेतृत्व व कोर्ट के बेलीफ की मौजूदगी में भारी पुलिस बल शहर लोक निर्माण विश्राम गृह के सामने स्थित जमीन का मालिकों को कब्जा दिलाने के लिए मौके पर पहुंचा। लेकिन कथित रूप अनेक लोगों के विरोध के चलते और बाद में एसडीएम लोहारू द्वारा आपत्ति दिए जाने के बाद पुलिस अमला बैरंग लौट गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वे ये बातें न्यायालय के समक्ष रखेंगे।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के सामने करोड़ों रुपयों की बेशकीमती जमीन के मामले को लेकर वर्षों से जद्दोजहद चल रही है। स्वामित्व के आधार पर नीतू दहिया ने पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में सिविल रिवीजन याचिका दायर की थी। उपायुक्त भिवानी के आदेश पर कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के निर्देश दिए गए थे।
कब्जा कार्रवाई को 22 जनवरी तक खाली कराने के लोहारू की अदालत ने आदेश जारी कर एसपी और डीसी भिवानी को निर्देशित किया था। करीब 6600 वर्ग गज भूमि की मलकियत को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था तथा न्यायालय में भी कई पक्षों ने विभिन्न वाद दाखिल किए थे। कथित रूप से न्यायालय के आदेशों के बाद मालिकाना हक जयपुरिया परिवार को दिया गया था।
जयपुरिया परिवार के लोगों ने इस भूमि को नीतू दहिया को बिक्री कर दिया था। जबकि सरकार की ओर से इस भूमि को खसरा न 735 का हिस्सा बताती रही है। नवंबर 2024 में उच्च न्यायालय द्वारा तीन महीने में मालिकों को कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए गए थे तथा उन्हीं आदेशों की पालना में एक बार फिर मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट शेखर नरवाल, कोर्ट के बेलीफ और थाना प्रभारी शिव कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन इस दौरान एक बार फिर अनेक लोगों द्वारा इसका विरोध किया गया तथा लोगों और प्रशासन के बीच नोक चौंक भी हुर्ह। इसी बीच एसडीएम लोहारू द्वारा आपत्ति दर्ज करते हुए एक पत्र ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दिए जाने के बाद कब्जा कार्रवाई रोक दी गई। इस दौरान सब्जी मंडी के लोगों ने भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को संबंधित मामले में दस्तावेज थमाए हैं।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ने कहा : कोर्ट के समक्ष रखेंगे रिपोर्ट
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार शेखर नरवाल ने बताया कि वे कब्जा कार्रवाई के लिए पुलिस फोर्स के साथ मौके पर गए थे। कई लोगों ने इसका विरोध किया और बाद में एसडीएम की ओर से आपत्ति पत्र उन्हें दिया गया है। इन सभी बातों को अदालत के समक्ष रखा जाएगा। इसकी तारीख बुधवार को है।