बहल। पशु चिकित्सालय के भवन निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत पर अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।अधिकारियों और शिकायतकर्ता को 22 सितंबर को सुबह 11:30 बजे अतिरिक्त उपायुक्त के समक्ष दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की ओर से 9 सितंबर को जारी पत्र के अनुसार बहल पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत प्राप्त हुई थी। इससे पहले उपायुक्त कार्यालय, भिवानी ने 2 सितंबर को ई-मेल के माध्यम से मामले की जांच सतर्कता कमेटी से करवाने संबंधी पत्र भेजा था।
पत्र में कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, भिवानी को मामले की जानकारी अपने स्तर पर कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, बहल को देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शिकायतकर्ता बहल निवासी राजेश अग्रवाल को भी संबंधित दस्तावेजों के साथ 22 सितंबर को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
निर्माण सामग्री के नमूने प्रयोगशाला भेजे
मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूने भी एकत्रित किए थे। विभाग ने इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने इससे पहले जिला उपायुक्त के समक्ष मामला उठाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में पशु चिकित्सालय के भवन निर्माण में कथित तौर पर निम्न स्तर की ईंटों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस दीवार में कथित तौर पर निम्न स्तर की ईंटों का इस्तेमाल किया गया था, उसे पूरी तरह हटाने के बजाय केवल एक-दो परतें उतारी गईं। शिकायतकर्ता ने इसे मामले को दबाने का प्रयास बताया है।