भिवानी। रोडवेज बस परिचालक से मारपीट कर ड्यूटी में बाधा डालने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को दोषी को सात वर्ष के कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने हरियाणा रोडवेज बस परिचालक के साथ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी सुरेश निवासी बडदू चैना जिला भिवानी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
मामले में शिकायतकर्ता ओम प्रकाश निवासी ढाबढाणी ने थाना जूई कलां में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार वह हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं। 28 जुलाई 2023 को वह रोडवेज बस में ड्यूटी के दौरान ढिगावा से भिवानी आ रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति बस में चढ़ा जिसने पहले टिकट लेने से मना किया और बाद में चालक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए बस संचालन में बाधा डालने लगा। जब कंडक्टर ने उसे रोका तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर थाना जूई कलां पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने आरोपी को धारा 353 भारतीय दंड संहिता के तहत दो वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 332 के तहत दो वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना लगाया।