भिवानी। जिला सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने बुधवार को प्रमोद हत्याकांड मामले में दोषी शंकर लाल निवासी दांग खुर्द को उम्रकैद और 16 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी को हत्या, मारपीट और चोट पहुंचाने की धाराओं में दोषी ठहराया।
गांव बीरण निवासी रुलीराम की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। उन्होंने तोशाम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्हें सूचना मिली थी कि एमके होटल के पास उनका बेटा प्रमोद मृत अवस्था में पड़ा है। परिजनों ने मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि प्रमोद होटल के पास मृत पड़ा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तोशाम थाना पुलिस ने 2 मार्च 2022 को हत्या की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी शंकर लाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी शंकर लाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 325 के तहत तीन साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 323 के तहत एक साल कैद और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।