अब बुजुर्गों को पेंशन की टेंशन नहीं रहेगी। क्योंकि बैंक खाते की केवाईसी और डीबीटी उपरांत 60 साल की उम्र पूरी करते ही उनके बैंक खाता में सीधे पेंशन पहुंच जाएगी। भिवानी जिले में एक साल के अंदर करीब 10 हजार नए पेंशनधारी बढ़ गए हैं। अब जनवरी में इन्हें तीन हजार देने की तैयारी चल रही है। इन पेंशन धारकों को कहीं आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि अपने बैंक खाते में आधार कार्ड और पेन कार्ड को अपडेट कराते हुए केवाईसी कराया था।
भिवानी जिले में पिछले साल 1,46,416 पात्रों की पेंशन बनाई गई थी। अब 1,56,358 लाभार्थी सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग से पेंशन ले रहे हैं। परिवार पहचान पत्र में परिवार के सदस्यों के अपडेट डाटा के बाद पात्र बुजुर्गों के साथ-साथ अन्य श्रेणी की पेंशन भी पात्रता पूरी करने के बाद बनाई गई है। इसमें आठ तरह की श्रेणी विभाग ने निर्धारित की है।
जिले में ऐसे बुजुर्ग भी हैं, जिनके आधार कार्ड और वोटर कार्ड में अलग-अलग उम्र दर्शायी गई हैं, ऐसे बुजुर्गाें को अपने प्राथमिक स्कूल से उम्र का प्रमाण अनिवार्य किया है। जिसे कामन सर्विस सेंटर पर पेंशन के आवेदन के साथ प्रस्तुत करते हुए जिसके जरिये परिवार पहचान पत्र में भी उम्र की वेरिफिकेशन करानी जरूरी है।
विदुर से अभी दूर है पेंशन योजना
जिले में विदुर योजना के तहत एक भी लाभार्थी की पेंशन अब तक नहीं बनी है। हालांकि सरकार ने इसी साल विदुर को भी बुजुर्गों के बराबर जनवरी से तीन हजार पेंशन देने की घोषणा की थी, जबकि दिसंबर में पेंशन बनाए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि समाज कल्याण विभाग के खाते में अभी तक एक भी विदुर पेंशनधारक नहीं है।
अधिकारी के अनुसार
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग से सभी श्रेणी के लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया है। जिन बुजुर्गों की उम्र परिवार पहचान पत्र में 60 साल की हो चुकी है। उनकी पेंशन स्वत: बनाई जा रही है। इसके अलावा विधवा पेंशन के लिए लाभार्थी को सीएससी सेंटर से आवेदन कराना अनिवार्य है। परिवार पहचान पत्र से सभी परिवार जुड़ चुके हैं।
-देवेंद्र कुमार जिला समाज कल्याण अधिकारी भिवानी।
ये हैं जिले में पेंशन के लाभार्थी
श्रेणी- अब- पिछले साल
बुजुर्ग पेंशन- 94054- 85896
दिव्यांग- 8893- 8565
विधवा पेंशन- 40828- 39589
आश्रित बच्चे- 10626- 9996
लाडली योजना- 1509- 1877
डिसेबल बच्चे- 445- 490