भिवानी। शहर के हांसी गेट क्षेत्र में नगर परिषद की करीब 400 करोड़ कीमत की 2,400 वर्गगज भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है। इसका खुलासा सब रजिस्ट्रार की पैमाइश रिपोर्ट में हुआ है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय भिवानी से पैमाइश रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन 20 दिन बाद भी सब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई गई जबकि राइट टू सर्विस एक्ट की उल्लंघन के मामले में बृजपाल ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उपायुक्त भिवानी को की थी।
शिकायत के बाद सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए शहरी विकास निकाय विभाग के निदेशक ने इस प्रकरण की जांच नगर आयुक्त अंबाला को सौंपी है। वहीं शिकायत के बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आन-फानन में गायब की गई पैमाइश रिपोर्ट भी अचानक सामने आ गई। इसके बाद इसकी प्रमाणित कॉपी भी शिकायतकर्ता बृजपाल को मुहैया कराई गई।
बृजपाल ने बताया कि सब रजिस्ट्रार की पैमाइश रिपोर्ट के अनुसार नगर परिषद की करीब 2,400 वर्गगज भूमि पर हांसी गेट क्षेत्र में एक ट्रस्ट, शिव मंदिर व अन्य का अवैध रूप से कब्जा बताया गया है। कब्जाधारियों को नगर परिषद की तरफ से अक्तूबर 2018 को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद नगर परिषद ने इन कब्जाधारियों से न तो भूमि कब्जामुक्त कराई न ही कोई कार्रवाई की। इसकी वजह से सरकार को भी करोड़ों का चूना लग रहा है।
ये हैं नगर परिषद की भूमि पर अवैध कब्जा
एक ट्रस्ट की सात दुकानें- 300 वर्ग गज कब्जा
शिव मंदिर- 356 वर्ग गज कब्जा
एक बीएड कॉलेज- 1,087 वर्गगज कब्जा
निजी स्कूल- 248 वर्गगज कब्जा
बैंक - 202 वर्गगज कब्जा
मामले की हो सीबीआई जांच
बृजपाल सिंह परमार ने नगर परिषद की करीब 400 करोड़ कीमत की करीब 2,400 वर्गगज भूमि पर अवैध कब्जा मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी स्थानीय निकाय, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंस व उपायुक्त को शिकायत दी है। शिकायत में इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग कर नगर परिषद की भूमि को कब्जा मुक्त कराकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर परिषद की भूमि पर अगर कब्जा है तो उसे खाली कराया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद को कोर्ट जाना पड़े या फिर प्रशासनिक स्तर पर ये कब्जा खाली कराना पड़े, हर हाल में कब्जामुक्त कराया जाएगा। इसके लिए मैं नगर परिषद अधिकारियों से भी बात करता हूं, आगे इसमें प्रक्रिया को भी जारी रखा जाएगा।
-हर्षित कुमार, नगर आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी।