फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: किशोर लगा रहे मौत की डुबकी, इस साल अब तक चार युवाओं ने गंवाई जान

विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। गर्मी से राहत पाने के चक्कर में किशोर नहरों और जलघर टैंकों के गहरे पानी में मौत की डुबकी लगा रहे हैं। उन्हें तैरने का ज्यादा अभ्यास नहीं होने के बावजूद किशोर गहरे पानी में उतर रहे हैं। ऐसा उनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है।
विज्ञापन

आंकड़ों की बात करें तो मार्च से मई तक डूबने से चार युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि पिछले साल डूबने के हादसों में आठ लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आ चुका है। इनदिनों तपिश बढ़ रही है और नहरों में भी पानी लबालब चल रहा है।
बैंक कॉलोनी निवासी चौधरी बंसीलाल राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के एक छात्र 19 वर्षीय अश्वनी की भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर 11 अप्रैल को जूई नहर में डूबने से मौत हो गई थी। पुलिस के गोताखोरों व रोहतक से एनडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम ने भी नहर में कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया था। अगले दिन युवक का शव गांव लोहानी हेड पर जाल में फंसा मिला था। इसी तरह हालुवास गेट निवासी राकेश की जूई नहर में डूबने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन

लोहानी हेड पर गांव बापोड़ा और दादरी गेट क्षेत्र निवासी दो युवा भी नहर में नहाने के लिए उतरे तो फिर वापस बाहर नहीं निकले। इन्हें तलाशने के लिए भी गोताखोरों को काफी घंटों की मशक्कत करनी पड़ी। गांव आसलवास में 16 मई को ईंटों की ट्रॉली खाली कर पांच युवा वापस लौट रहे थे। तीन युवा लोहानी के पास जूई नहर में नहाने उतरे थे।
इस हादसे में गांव दिनोद निवासी 26 वर्षीय दीपक, दादरी गेट ढाणा रोड निवासी 17 वर्षीय धर्मेंद्र की डूबने से मौत हो गई थी जबकि उनके एक साथी मोनू को अक्षय और सतेंद्र ने बाहर निकाल लिया था। धर्मेंद्र अपने बूढ़े पिता का इकलौता बेटा था, जबकि मृतक दीपक चंद दिनों बाद शादी होनी थी।

अभिभावक रखें बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी
घर से बाहर रहने वाले किशोर और युवा बच्चों की गतिविधियों पर अभिभावक भी निगरानी रखें। क्योंकि दोस्तों के साथ पानी के अंदर मौज मस्ती करने की चाह में युवा गहरे पानी के टैंकों और नहरों तक पहुंच रहे हैं। उन्हें इस बात का भी अहसास नहीं रहता कि वे इस तरह तेज बहाव और गहरे पानी में तैरने के अभ्यास नहीं हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों को इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से रोकें और उन्हें इसके नुकसान के बारे में बताएं। बच्चों को छुट्टियों के अंदर ऐसी गतिविधियों में व्यस्त रखें, जिनसे उनका कौशल और हुनर निखरे।

जलघर के टैंकों के आसपास कर्मचारियों की तैनाती की हुई है। जलघर वर्जित क्षेत्र है, मगर फिर भी मनचले युवा पानी के टैंकों में नहाने पहुंच जाते हैं। कई बार तो युवा कर्मचारियों से भी झगड़ने लगते हैं। ऐसे युवाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन

-सुरजीत सिंह मलिक, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें