भिवानी। शिक्षा विभाग पंचकूला की ओर से की जा रही लापरवाही व अनियमितता का खामियाजा स्कूलों के अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। दिसंबर में 20 दिन देरी से मिला था। दो माह से शिक्षकों को वेतन जारी नहीं किया गया है। शिक्षा निदेशालय के द्वारा वित्त विभाग को शिक्षा विभाग का ई-पोस्ट डेटा न भेजने के कारण वित्त विभाग ने यह कदम उठाया है।
शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण दिसंबर माह का वेतन भी कर्मचारियों को 20 दिन की देरी से मिला था, लेकिन इस बार फिर निदेशालय द्वारा विभाग को सही डाटा उपलब्ध नहीं कराने के कारण शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। समय से वेतन जारी न होने के कारण अध्यापकों को अनेक वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
निदेशालय के अधिकारियों को जल्द ई-पोस्टिंग का सही डाटा वित्त विभाग को उपलब्ध कराना चाहिए, जिससे अध्यापकों की वेतन की समस्या हल हो सके। फरवरी माह के 25 दिन बीत चुके हैं मगर अब उनका मिडिल स्कूलों के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ का वेतन जारी नहीं किया है। कई स्टाफ सदस्य ऐसे भी है जिन्होंने बैंक से लोन या फिर ईएमआई करवाई हुआ है जिसका भुगतान महीने की 10 तारीख से पहले करना होता है। ऐसे में वेतन नहीं आने की वजह से उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। निदेशालय की गलतियों का भुगतान शिक्षकों को करना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार हर कार्य में फेल होती नजर आ रही है। सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों को उनकी मेहनत और हक के रुपये तक नहीं दे पा रही है। इसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरा महीना पूरा होने वाला है मगर अब तक वेतन नहीं आया है। कई शिक्षक व कर्मचारी ऐसे भी है जिन्होंने बैंक से लोन या फिर ईएमआई करवाया हुआ है और समय पर वेतन नहीं आने की वजह से उन्हें अतिरिक्त ब्याज देना पड़ता है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को सूचित कर चुके है मगर अब तक समाधान नहीं हुआ है।
- जयवीर नाफरिया, प्रदेश प्रवक्ता हरियाणा कर्मचारी महासंघ एवं अध्यापक संघ।
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वेतन का मामला ई-पोस्ट की आनी तकनीकी दिक्कतों की वजह से बना हुआ है। इसको दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद कोई दिक्कत नहीं आएगी।
- नरेश महता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।