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Bhiwani News: अध्यापकों ने की टीईटी से स्थायी छूट की मांग

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कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी  के निवास पर जाकर मांग पत्र सौंपते हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के 
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भिवानी। रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े पुरानी नियुक्तियों वाले शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने अपना आंदोलन तेज करते हुए मंगलवार को कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और विधायक घनश्याम सर्राफ को मांग पत्र सौंपकर टीईटी से स्थायी छूट की मांग उठाई। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव सुमेर आर्य ने कहा कि प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भिवानी में मंत्री श्रुति चौधरी और विधायक घनश्याम सर्राफ के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन दिया।
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इस दौरान शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। मंत्री श्रुति चौधरी की ओर से उनके पीए रोशन लाल शर्मा और विधायक की ओर से प्रतिनिधि आनंद सिंह तंवर ने ज्ञापन प्राप्त किया। सुमेर आर्य ने कहा कि जो शिक्षक पिछले 20 से 30 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा से सेवाएं दे रहे हैं और सेवानिवृत्ति के करीब हैं उन पर अब पात्रता परीक्षा थोपना न केवल अतार्किक है बल्कि उनके स्वाभिमान पर भी आघात है।

उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को एनसीटीई द्वारा पहले ही टीईटी से छूट दी गई थी लेकिन हालिया अदालती फैसलों और सरकारी ढुलमुल रवैये के कारण हजारों अनुभवी शिक्षकों पर सेवा समाप्ति या पदोन्नति रुकने का खतरा मंडरा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ विश्वासघात बताते हुए उन्होंने कहा कि संघ इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
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सुमेर आर्य ने कहा कि यदि हजारों शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ती है तो इससे न केवल उनके परिवार प्रभावित होंगे बल्कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था भी चरमरा जाएगी। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मांग की कि संसद के आगामी सत्र में धारा 23 में संशोधन कर 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट दी जाए। साथ ही राज्यसभा में लंबित निजी विधेयक के पक्ष में मतदान कर इसे कानून बनाया जाए तथा राज्य सरकार स्वयं सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करे ताकि वरिष्ठ शिक्षकों के हित सुरक्षित रह सकें। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द विधायी हस्तक्षेप नहीं किया तो प्रदेशभर के शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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