छह दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण में प्रतिभागी शिक्षक।
बवानीखेड़ा। निपुण हरियाणा मिशन के तहत बवानीखेड़ा खंड में आयोजित छह दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण के प्रथम चरण का समापन हुआ। इसमें 37 शिक्षकों को बालवाटिका, हिंदी, अंग्रेजी और गणित की बुनियादी दक्षताओं के विकास के लिए प्रभावी शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। जिला एफएलएन समन्वयक मुकेश जांगड़ा ने प्रशिक्षण का अवलोकन कर शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की मजबूत नींव तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण बच्चों की आयु, रुचि और सीखने के स्तर के अनुरूप होना चाहिए।
खंड एफएलएन समन्वयक कृष्ण कुमार, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य आनंद शर्मा तथा रिसोर्स पर्सन सत्यवान, अंजू रानी और बबीता रानी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। रिसोर्स पर्सन ने विषयवार शिक्षण गतिविधियों, कक्षा प्रबंधन और प्रभावी तकनीकों की जानकारी दी। समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
पुस्तकों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी
जांगड़ा ने शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), कक्षा के चार शिक्षण कोनों, प्रिंट-रिच सामग्री और शिक्षक व विद्यार्थी पुस्तकों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चे देखकर, करके, बोलकर, खेलकर और आपसी सहभागिता से बेहतर सीखते हैं। स्थानीय संसाधनों और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों से उनकी समझ विकसित होती है। प्रशिक्षण में बालवाटिका की जरूरतों, हिंदी में सुनने-बोलने, पढ़ने-लिखने की प्रारंभिक दक्षताओं, अंग्रेजी की बुनियादी समझ और गणितीय अवधारणाओं पर ध्यान दिया गया। शिक्षकों को बच्चों की प्रगति का नियमित आकलन कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने शिक्षण सामग्री को रोचक और प्रभावी बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर भी जोर दिया।