नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल आमजन के लिए परेशानी बन गई है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं तो गलियों में भी सब जगह कचरा फैला है। हालांकि कुछ जगह से ठेकेदार के कर्मचारियों ने कचरा उठाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, मगर ये व्यवस्था नाकाफी साबित हुए। शहर में फिलहाल 25 टन से ज्यादा कचरा फैला हुआ है।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी तीन दिन की काम छोड़ हड़ताल पर हैं। इसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था लगातार दूसरे दिन बेपटरी नजर आई। शहर के नया बाजार, बिचला बाजर, बर्तन बाजार, किरोड़ीमल मंदिर के पास, लोहड़ चौपटा, रोहतक गेट, फैंसी चौक व कृष्णा कॉलोनी में कचरा लोगों के लिए परेशानी बना रहा। शहर के बर्तन बाजार, सराय चौपटा में दुकानदारों ने रोष जताते हुए कहा कि इससे उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
हालांकि नगर परिषद की ओर ठेकेदार के कर्मचारियों के माध्यम से सफाई का प्रयास किया गया। शहर के कुछ स्थानों से कचरा उठाया भी गया, मगर शहर के अंदरूनी हिस्से में व्यवस्था ज्यादा खराब नजर आई।
सरकार द्वारा मांगों की अनदेखी के विरोध में नप कर्मचारियों ने की नारेबाजी
भिवानी। अपनी मांगों के समर्थन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद कार्यालय के बाहर नगरपालिका कर्मचारियों ने नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। कर्मचारियों की अध्यक्षता करते हुए प्रधान विजय कुमार व राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों का नोटिफिकेशन तो जारी कर दिया, लेकिन मांगें लागू नहीं हैं। वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों नप कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को समाप्त करने, फायर ऑपरेटरों की भर्ती रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, एक्सग्रेसया पॉलिसी बहाल करने, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये देने, 10 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी, समान काम समान वेतन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आवासीय कालोनियों में 100-100 गज के प्लाट देने आदि को दोहराया। इस मौके पर एसकेएस जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा, कृष्णा, बाला, मालती, पिंकी, शांति, मीरा, रोशनी, बाला, मनीषा, लालाराम, कुलबीर, रविंद्र, मोहन, कमलेश व राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव आदि उपस्थित थे।
शहर में फैले कचरे और थोड़ी सी बारिश के बाद भी चार से पांच दिन तक होने वाले जलभराव पर डीसी खासे खफा दिखे। उन्होंने नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाई। डीसी ने दोनों विभागों के अधिकारियों को जल्द बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
बुधवार को उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें स्वच्छता मुख्य मुद्दा रहा। जब शहर में फैली गंदगी के बारे में नप अधिकारियों को कहा तो नप अधिकारियों ने बताया कि डोर टू डोर कलेक्शन किया जा रहा है। जिस पर डीसी ने कहा कि अगर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है तो शहर में कचरे के ढेर कहां से आ रहे हैं। जिस पर नप अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
डीसी ने बस स्टैंड के बाहर और रोहतक गेट पर जमा रहने वाले बारिश के पानी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की खिंचाई की। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मनोज यादव, सुशासन सहयोगी हरि नीलेश, नगर परिषद सचिव राजेश मेहता, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आरके मुंजाल आदि उपस्थित रहे।
जल्द पूरा होगा प्रापर्टी सर्वे
जिले में इन दिनों प्रापर्टी यूनिट के लिए सर्वे किया जा रहा है। बवानीखेड़ा, लोहारू व सिवानी नगरपालिका क्षेत्र में यह कार्य पूरा हो चुका है। भिवानी शहर में प्रापर्टी को चिह्नित किया जा रहा है। उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि एक निजी कंपनी को प्रापर्टी सर्वे का काम दिया गया है, जो कि अब अंतिम चरण में है। इसके बाद नागरिकों को उनकी अचल संपत्ति के अनुसार नगर परिषद एवं नगरपालिका में प्रापर्टी टैक्स जमा करवाना होगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक इस सर्वे के दौरान घर या दुकान पर आने वाले कंपनी सर्वेक्षकों को सही जानकारी दें। इसकी पुष्टि बाकायदा सेटेलाइट डाटा से भी की जाती है। उपायुक्त ने कहा कि भिवानी नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार मेरिट में आने का पूरा प्रयास करें। लोगों को गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाए और घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाए। उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि नागरिकों को अपने मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड करनी चाहिए। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति कचरा के ढेर के पास खड़ा होकर ऐप के माध्यम से उसका फोटो एप पर डाउनलोड करें। फोटो डाउनलोड होने के बाद संबंधित क्षेत्र का निरीक्षक उस कूड़े के ढेर को उठाने के लिए बाधित होगा।