भिवानी। उमस भरी गर्मी और 37 डिग्री तापमान ने रविवार को लोगों के पसीने छुड़ा दिए। तेज धूप और हवा में नमी के उच्च स्तर के कारण दिनभर लोग गर्मी से बेहाल रहे। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे रहे और दोपहर होते-होते सड़कों व बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
देर शाम आसमान में बादल छा गए लेकिन उमस से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी और उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखाई दिया।
बढ़ती गर्मी और उमस के कारण अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), उल्टी-दस्त, पेट में संक्रमण, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी और नमक का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे हीट स्ट्रोक (लू लगने) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा घमौरियां, रैशेज और फंगल इंफेक्शन जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं भी लोगों को परेशान कर रही हैं।
दोपहर में कारोबार पर पड़ा असर
उमस और तेज धूप का सबसे अधिक असर कारोबार पर देखने को मिल रहा है। दोपहर 12 से शाम चार बजे तक मुख्य बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम रही। सड़कों पर वाहनों की चहल-पहल भी घट गई और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते-चप्पल और अन्य फुटकर सामान के कारोबारियों के अनुसार दोपहर के समय बिक्री लगभग ठप हो जाती है। सुबह और देर शाम ही कुछ ग्राहक खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। अचानक आई इस मंदी से छोटे और मध्यम व्यापारियों की दैनिक आय प्रभावित हुई है। इसके विपरीत लस्सी, जूस, शिकंजी, फल और ठंडे पेय पदार्थों के स्टालों पर कुछ भीड़ देखने को मिल रही है।
बिजली कटौती और जलसंकट ने बढ़ाई मुसीबत
भीषण गर्मी के बीच बार-बार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी है। कूलर और एसी बंद रहने से घरों के भीतर भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई इलाकों में पानी की मांग बढ़ने के कारण जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। शहर की कई कॉलोनियों में जलसंकट बना हुआ है जिससे लोगों को दैनिक कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।