दक्षिण कोरिया में हुए वर्ल्ड वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर लौटी स्वीटी बूरा को खेल प्रेमियों ने सिर आंखों पर बिठा लिया। जोरदार स्वागत करते हुए फूल-मालाओं से लाद दिया। गाजे-बाजे के साथ शहर में विजय जुलूस निकालकर मेडल जीतने की खुशियां मनाई।
दक्षिण कोरिया के जेजू में हुई चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वीटी 81 किग्रा भार वर्ग के फाइनल तक पहुंची और सिल्वर मेडल हासिल किया। विश्व के विभिन्न देशों के मुक्केबाजों को धूल चटाकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली स्वीटी की कामयाबी से उत्साहित खेल प्रेमियों ने बुधवार को भिवानी पहुंचने पर स्वागत किया। रोहतक रोड स्थित भगवती धर्मशाला में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में स्वीटी ने सफलता का श्रेय कैप्टन हवा सिंह बॉक्सिंग एकेडमी के कोच भीम अवार्डी संजय श्योराण व एकेडमी के महासचिव प्रीतम दलाल को दिया।
मूल रूप से हिसार के घिराव गांव निवासी किसान पिता महेंद्र बुरा की बेटी स्वीटी ने यहां के कैप्टन हवा सिंह एकेडमी से बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली है। एकेडमी की अध्यक्ष डॉ. अलबी गुप्ता ने इंग्लैंड से फोन पर स्वीटी को बधाई दी। स्वीटी की जीत पर प्रसन्नता जताते हुए जिला खेल अधिकारी छाजू राम गोयत ने कहा कि यह लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। स्वागत के बाद खुली जीप में बिठाकर शहर में जुलूस निकाला गया। स्वागत कार्यक्रम में चेयरमैन भवानी प्रताप, स्टेडियम के बॉक्सिंग कोच विष्णु भगवान, मुकेश श्योराण, राजेश मास्टर, डॉ. अशोक सांगवान, डॉ. नीलम गुप्ता, विकास, पवन, अजीत बंसल, महीपाल आर्य, डॉ. लवकेश, डॉ. विपिन सिवाच, डॉ. सुनीता, देवेंद्र गोयल, धर्मराज गिल, संदीप बिहारी, अभि गुप्ता, अमित, विकास, राजबीर आदि मौजूद रहे।
सही समय पर चयन होता तो मिलता गोल्ड
वर्ल्ड वूमेन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाली बॉक्सर स्वीटी बूरा ने फाइनल मुकाबले में हार के लिए चयन की दोषपूर्ण प्रक्रिया को जिम्मेदार बताया है। ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में स्वीटी ने कहा कि चयन कमेटी ने पहले 81 व उससे अधिक भार वर्ग के खिलाड़ियों के चयन को खारिज कर दिया था। फिर अचानक चयन की जानकारी दी गई। इस असमंजस में ही 20 दिन निकल गए, जो तैयारी के लिए महत्वपूर्ण थे। पर्याप्त प्रैक्टिस न हो पाने के कारण फाइनल मुकाबला मामूली अंतर से निकल गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया में सिफारिशों को वरीयता देने का भी आरोप लगाया। ऐसी नीति की आवश्यकता जताई जिसमें योग्य को ही मौका मिले। स्वीटी ने सरकार से अब तक किसी तरह की सहायता न मिलने पर भी क्षोभ जताते हुए उम्मीद जाहिर की, देश के लिए किया है तो अब सरकार भी हमारे लिए कुछ करेगी। बूरा।