फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छता सर्वेक्षण : होटल, स्कूल, अस्पतालों में नहीं है कचरे के निस्तारण की व्यवस्था, थमाएं नोटिस

विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय । संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए केंद्रीय टीम इस महीने में कभी भी आ सकती है और सफाई व्यवस्था उस स्तर की नहीं है। शहर में व्यवस्थाएं जांचने के लिए केंद्रीय टीम से पहले नगर परिषद की टीम ने 50 से अधिक स्कूल, होटल, अस्पताल को जांचा मगर कहीं भी कचरा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था नहीं मिली। जिसके बाद अब इन सभी संस्थानों के साथ मैरिज पैलेस संचालकों को नोटिस देकर 20 फरवरी तक अपने यहां कचरा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि 20 फरवरी के बाद नप की टीम कभी भी निरीक्षण कर सकती है और व्यवस्थाएं नहीं मिली तो नोटिस के साथ-साथ सील किए जाने का भी प्रावधान रहेगा। बारिश के पानी को स्टोर करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

जिला प्रशासन और नगर परिषद शहर को स्वच्छता सर्वे में बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में केंद्रीय सर्वेक्षण टीम से पहले नप टीम ने व्यवस्थाएं जांचने के लिए अपने स्तर पर सर्वे करवाया। करीब 20 दिन के दौरान 50 से अधिक निजी अस्पताल, स्कूल, होटल का निरीक्षण किया गया। मगर कुछेक को छोड़ अधिकतर में खामियां ही सामर्ने आईं। कहीं कचरे के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी तो कहीं बारिश के पानी के स्टोरेज की कोई व्यवस्था नहीं थी। अधिकतर जगह तो गीला और सूखा कचरा भी अलग-अलग नहीं मिला। इस रिपोर्ट के आधार पर अब इन्हें नोटिस थमाएं गए हैं। जहां भी 20 से 25 किलो तक कचरा हर रोज निकलता है, उन्हें कचरा निस्तारण के पुख्ता इंतजार करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल संचालकों को भी कैंटीन आदि के गीले कचरे, पेड़-पौधों के सूखे पत्तों से खाद बनाने के लिए पिट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में टीम लीडर सन्नी ने बताया कि शहर में केंद्रीय टीम आने से पहले बेहतर व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नप टीम ने इनका किया निरीक्षण
संस्थान संख्या
निजी अस्पताल 15
स्कूल 20
होटल 20
स्वच्छता रैंकिंग में लगातार हो रहा सुधार
वर्ष 2017 में पिछड़ने के बाद से स्वच्छता के मामले में भिवानी लगातार सुधार की ओर अग्रसर है। वर्ष 2017 में हुए पहले स्वच्छता सर्वे में भिवानी 345वें स्थान पर था। सबसे गंदे शहरों में शामिल था। मगर उसके बाद से लगातार सुधार जारी है। वर्ष 2020 के सर्वे में तो 66 रैंकिंग की छलांग लगाई है। यानी 232 से सीधे 166वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में 105 रैंकिंग की छलांग लगाई थी, जब 345 से सीधे 240वें स्थान पर पहुंचा था। वर्ष 2019 में आठवें से 13वें स्थान पर खिसकने वाले भिवानी शहर ने 2020 में दो अंक के सुधार के साथ 11वां स्थान हासिल किया।
विज्ञापन

रैंकिंग में सुधार मगर बिगड़ी सफाई व्यवस्था
पिछले तीन साल की बात करें तो रैंकिंग में भले ही बड़ा सुधार हुआ हो मगर शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी है। इसका कारण है नप में सफाई कर्मियों की कमी और सफाई का ठेका नहीं होना। मुख्यालय की ओर से रोक के बाद आधे शहर की सफाई का ठेका खत्म होने के बाद दोबारा नहीं हुआ हालांकि अब टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। नप के कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है और नई भर्ती नहीं हो रही। ऐसे में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के पॉश क्षेत्र कहे जाने वाले सेक्टर 13, 23, मंडी टाउनशिप, विकास नगर, विजय नगर में ही कचरे के ढेर लगे है। बाकी जगह भी हालत खराब है।
अब तक की रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 240
2019 232
2020 166
वर्जन -
फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्रीय टीम आने का अनुमान है। उसके अनुसार बेहतर सफाई व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं मगर लोगों को स्वयं भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होना होगा। बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला होटल संचालक शादी आदि कार्यक्रमों में डिस्पोजल सामग्री का प्रयोग न करें। अपने यहां कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करें।
विज्ञापन

- संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें