भिवानी। मौसम की मार के बावजूद पिछले साल के मुकाबले इस सार करीब डेढ़ गुणा सरसों और गेहूं की खरीद हो चुकी है। हालांकि इस बार मौसम ने कई बार किसानों के मंसूबों को तोड़ा, मगर फिर भी मंडी तक रिकाॅर्ड आवक पहुंची। हालांकि अभी भी 2792 किसानों की 50 हजार क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद पर संशय बना है, जिसकी जांच जिला उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी कर रही है।
शनिवार को बारिश से फिर चारा मंडी में खुले में पड़ी सरसों भीग गई। अनाज मंडी में भी गेहूं कट्टों में सड़ रहा है। भिवानी जिले में अब तक एक लाख 53 हजार टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले साल में एक लाख 20 हजार टन गेहूं किसानों से खरीदा गया था। इसी तरह अब तक एक लाख 20 हजार टन सरसों सरकार खरीद चुकी है, जबकि एक लाख टन से अधिक सरसों किसान प्राइवेट हाथों में बेच चुके हैं।
पिछले साल मार्केट रेट ज्यादा होने की वजह से किसानों ने सरकार को सरसों नहीं बेची थी। जबकि प्राइवेट तौर पर ही किसानों ने करीब एक लाख मीट्रिक टन सरसों बेच डाली थी। लेकिन अब भी काफी किसान ऐसे हैं, जिन्होंने या तो सरसों का स्टॉक कर लिया है या फिर मंडी में लेकर तो पहुंचे, मगर खरीद नहीं हुई है। अभी भी 25 हजार क्विंटल सरसों पर खरीद का संकट मंडरा रहा है। इनके गेट पास की जांच में डीसी द्वारा गठित कमेटी के सदस्य जुटे हैं।
तीसरी बार बारिश में भीगी हजारों मीट्रिक टन सरसों, भराई और उठान बंद
चारामंडी में अब भी हजारों मीट्रिक टन सरसों खुले में पड़ी हैं। इसके ऊंचे ढेर दूर से ही दिखाई दे रहे हैं। यहां खुले में पड़ी सरसों तीसरी बार बेमौसम बारिश में भीगी है। कई ढेरियों में सरसों अब सड़ने लगी है। जबकि कट्टों में भराई की गई सरसों भी बारिश में भीग चुकी है, जिसमें सरसों खराब होने की आशंका भी है। शनिवार को बारिश के बाद भराई और उठान का काम भी बंद हो गया। हैफेड ने आढ़तियों को बारदाना मुहैया करा दिया है, मगर सरसों गीली होने की वजह से उसकी भराई नहीं हो पा रही है। जो कट्टे भरे जा चुके हैं, उसका बारिश के कारण भीगने से उठान भी रुका हुआ है।
सड़े गेहूं से मंडी में संक्रमण का खतरा
भिवानी अनाज मंडी में बारिश से भीगकर खराब हुआ गेहूं सड़ रहा है। सड़ चुके गेहूं की मार्केट कमेटी भी सफाई नहीं करा रही है। इसकी वजह से बीमारी के संक्रमण का खतरा बढ़ा है। हालांकि कुछ आढ़ती सड़े हुए गेहूं को सुखाने में जुटे हैं, जिसकी मिलावटखोरी की आशंका बनी है। अगर ये सही गेहूं में मिलावट हुआ तो इसे खाने वाले की सेहत जरूर बिगड़ जाएगी, क्योंकि ये गेहूं मनुष्य तो दूर पशु के खाने लायक भी नहीं बचा है।
मंडी में जिन किसानों के गेट पास कटे हैं, उनकी सरसों की वेरिफिकेशन उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी कर रही है। हमने आढ़तियों को बारदाना मुहैया करा दिया है, जिसके बाद भराई और तुलाई का काम उनका है। इसी के साथ सरसों का उठान भी चल रहा है।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
पिछले सीजन में अकेले फूड सप्लाई विभाग ने दो लाख गेहूं के कट्टों की खरीद की थी, जबकि इस बार अब तक करीब सात लाख कट्टों की खरीद हो चुकी है। गेहूं की खरीद 15 मई तक होगी। आवक भी हो रही है। पिछले सीजन के मुकाबले इस बार ज्यादा आवक है।
-मुकेश कुमार सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।