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सर्वर ठप होने से स्कूलों में नहीं जमा हुए फॉर्म

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गांव हालुवास के सरकारी स्कूल में फैमिली कार्ड बनवाने के लिए आए लोगों से बातचीत करते बीईईओ। संवाद - फोटो : Bhiwani
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सरकारी स्कूलों में परिवार पहचान पत्र बनाने की योजना पहले ही दिन सर्वर के साथ ठप हो गई। जिले के 750 स्कूलों में बच्चों के अभिभावक अपनी सभी आईडी लेकर परिवार पहचान पत्र बनवाने पहुंचे मगर ठप सर्वर ने घंटों इंतजार करवाया। फार्म भी भरा गया मगर अपलोड नहीं हुआ। लिंक में समस्या रही। घंटों भूखे-प्यासे इंतजार के बाद अभिभावक निराश लौटे। सिवानी में ही महज 150 आईडी बनी। लोहारू के 24 सेंटरों पर मात्र 36 आईडी बनी।
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प्रदेश सरकार की ओर से लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक परिवार का पहचान पत्र (फैमिली आईडी) बनाई जा रही है। यह जिम्मेदारी अब स्कूलों को सौंपी गई है। जिसके तहत प्रथम चरण में 25 अगस्त से दो सितंबर तक सभी सरकारी स्कूलों में वहां के बच्चों के परिवारों के पहचान पत्र बनाए जाएंगे। योजना के तहत मंगलवार को अभिभावक तो अपनी सभी आईडी पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि लेकर पहुंचे मगर स्कूलों में व्यवस्थाएं ठप मिली। स्कूलों में प्रिंसिपल, हेडमास्टर ने तो अपने स्तर पर सभी व्यवस्थाएं कर रखी थी और कक्षा अनुसार सभी बच्चों के अभिभावकों की फैमिली आईडी बनाने की व्यवस्था की। मगर सर्वर ठप रहा और लिंक लॉगिन करने में समस्या रही।
जिले के लगभग सभी स्कूलों में अभिभावक पहुंचे और दोपहर बाद तक सर्वर चलने का इंतजार करते रहे। दोपहर बाद भी नहीं चला तो निराश ही घर लौटे। लगभग सभी स्कूलों में यह समस्या रही। सर्वर ठप होने के चलते अधिकतर स्कूलों में प्रपत्र ही भरवाए गए। चर्चाएं ये भी रही कि जिनके नाम से लॉगिन आईडी बनी है, वे सहीं नहीं बताई गई। साथ ही चर्चा रही कि अध्यापकों को इसका प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया।
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वर्जन-
पहले दिन स्टाफ शाम तक काम करता रहा है मगर सर्वर में समस्या रही। जिस कारण लिंक नहीं खुला और फार्म अपलोड नहीं किए जा सके। सिवानी खंड में ही कुछ फार्म अपलोड हो सके। मैंने स्वयं लोहानी, ढिगावा, जूई, ललहाना, पोहरकवास, कुड़ल, कुड़ल बास, ढिगावा के स्कूलों का निरीक्षण किया।
- अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी
लोहारू में 24 सेंटर पर बनी महज 36 आईडी
ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों में बनाए गए 24 सेंटरों पर दिनभर में महज 36 फैमिली आईडी ही बन पाई जबकि कई सेंटर पर तो सर्वर डाउन होने के चलते एक भी आईडी नहीं बन पाई और लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र पाल और कर्मचारी राम सिंह से मिली जानकारी के अनुसार लोहारू खंड के मिडिल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 24 सेंटर बनाए गए थे। राम सिंह ने बताया कि सुबह से ही सर्वर डाउन होने के कारण दोपहर एक बजे तक किसी भी सेंटर पर परिवार पहचान पत्र नही बनाए जा सके। वहीं दोपहर बाद कुछ सेंटर पर सर्वर चालू हो पाया। जिसके बाद सांय पांच बजे तक लोहारू ब्लॉक में 36 फैमिली आईडी बनाई गई। सर्वर डाउन होने के साथ-साथ कई गांवों में नेटवर्क की समस्या भी रही। उन्होंने बताया कि लोहारू शहर, सोहांसरा, फरटिया भीमा, गिगनाऊ, बिसलवास, बुढ़ेड़ा, बड़दू चैना आदि सेंटर पर तो एक भी आईडी नहीं बन पाई। उन्होंने बताया कि सर्वर की समस्या के समाधान के लिए विभाग के आला अधिकारियों को लिखा गया है। फैमिली आईडी बनाने के लिए कथित रूप से अध्यापकों को किसी प्रकार प्रशिक्षण भी नही दिया। अभियान की गति के धीमा होने का यह भी एक कारण माना जा रहा है।
बवानीखेड़ा मं कंप्यूटर पर दिनभर स्टाफ करता रहा प्रयास, नहीं चली साइट
परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए स्कूलों में अभिभावकों की भीड़ थी तो स्टाफ सदस्य भी कंप्यूटर पर दिनभर प्रयास करते रहे। परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए पहुंच परिजनों को भी काफी इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद उन्हें वापस घर को लौटना पड़ा।
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