ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर देशभर में ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल का भिवानी के ट्रांसपोर्टरों ने भी समर्थन किया है। हड़ताल का मंगलवार से फल-सब्जियों और किराना खाद्य सामग्री पर प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि दिल्ली व अन्य स्थानों पर ऑर्डर ही नहीं लिये जा रहे।
औसतन दो से तीन ट्रक सब्जियों और फलों के अकेले भिवानी सब्जी मंडी में आते हैं। ऐसी ही स्थिति किराना सामान की है। ऐसे में मंगलवार से व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। वहीं दिल्ली में हड़ताल के चलते किराना संबंधित जरूरी खाद्य वस्तुओं के आयात पर भी बुरा असर पड़ा। कुछ जरूरी वस्तुएं ही भिवानी तक पहुंच पाई, जबकि दिल्ली से माल सप्लाई के लिए आने वाले ट्रकों पर सोमवार को ब्रेक लगा रहा।
नारेबाजी कर जताया रोष:
सोमवार को भिवानी की पुरानी अनाज मंडी हालु बाजार स्थित केडिया ट्रांसपोर्ट पर दी भिवानी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों की बैठक जिला प्रधान पवन कुमार केडिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से दिल्ली के ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल का समर्थन किया। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में भिवानी के ट्रांसपोर्टर्स ने भी हालु बाजार पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में मांगों के समर्थन में रोष प्रदर्शन किया।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में उतरे दी भिवानी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार केडिया, सचिव परशुराम ट्रांसपोर्ट के संचालक सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम बिंदल, अंबे ट्रांसपोर्टर से राकेश तंवर, सुरेश वर्मा, जयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट्स से राजेश, टीसीआई से लक्ष्मण, बालाजी ट्रांसपोर्ट से नरेंद्र कौशिक, प्रदीप अग्रवाल ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में नारेबाजी की। प्रधान पवन केडिया ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और ट्रक ऑपरेटर नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध कर रहे हैं।
केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से अधिकांश ट्रांसपोर्ट बंद हो चुकी हैं, जबकि अधिकांश बंद होने के कगार तक पहुंच चुकी हैं। उनका कहना है कि जब एक बार गाड़ी का रोड टैक्स भरवा लिया जाता है तो फिर उस पर टोल टैक्स जैसे नियम थोपना गलत है। इसी तरह ट्रांसपोर्टर व ट्रक ऑपरेटर्स की काफी मांगे हैं, जिसे सरकार पूरा नहीं कर रही हैं। चेतावनी दी कि अगर हड़ताल लंबी चलती है तो भिवानी में भी कामकाज ठप कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से भी केंद्र सरकार को मांग पत्र भेजा।