नगर परिषद की लापरवाही से सूरज ढलते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है। मुख्यमार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटें, चौराहों पर लगी हाई मास्क लाइटें व ट्यूब लाइटों के साथ-साथ 30 प्रतिशत सोडियम लाइटें खराब पड़ी है। नगर परिषद की लाइटों का करीब सवा करोड़ से अधिक का बिजली बिल भी बकाया चला रहा है। इतना ही नहीं बिल न भरने पर हर माह साढ़े तीन लाख रुपये अतिरिक्त बकाया बिल में जुड़ रह हैं। नगर परिषद द्वारा शहर में हाई मास्क लाइटों के अलावा कॉलोनियों, विभिन्न चौकों, पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सैकड़ों स्ट्रीट लाईटें लगाई गई हैं। बिजली निगम का नगर परिषद की ओर स्ट्रीट लाइट बिल की बकाया राशि का आंकड़ा अब एक करोड़ 28 लाख तक पहुंच गया है। गत अगस्त माह में यह बकाया करीब राशि 40 लाख रुपये थी। स्ट्रीट लाइटों का प्रति माह बिल करीब पौने चार लाख तक बनता है। ऐसे में सरचार्ज व पैनल्टी के जरिए बिल राशि में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, कई बार तो दिन के समय भी नप स्ट्रीट लाइटें जलाकर बिजली की बर्बादी करने से भी पीछे नहीं हैं।
सरचार्ज भरने से भी परहेज
बिजली निगम सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद बिल भेजने पर केवल करंट बिल राशि ही जमा करवाता है सरचार्ज नहीं भरा जा रहा है जिससे बकाया राशि और बढ़ती जा रही है। ऐसे में बिजली निगम की नजर में नगर परिषद डिफाल्टर बना हुआ है।
शहर को जगमगाने के लिए लगाई गई लाइटों की ये हैं स्थिति
400 वॉट की हाइ मास्क लाइटों के 204 प्वाइंट
2 गुणा 36 वॉट स्ट्रीट लाइटों के तीन हजार प्वाइंट
40 वॉट ट्यूब लाइट के शहर में हैं 440 प्वाइंट
20 वॉट की लाइटों के शहर में हैं 220 प्वाइंट
250 वॉट सोडियम लाइटों के हैं 673 प्वाइंट
25 वॉट सीएफएल के शहर में हैं 60 प्वाइंट
125 वॉट एलईडी के शहर में हैं 18 प्वाइंट
(नोट:- किसी भी प्रकार की एक लाइट लगाने के लिए सात से दस प्वाइंट दिए जाते हैं।)