फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: बेसहारा पशुओं से शहरवासी बेहाल और खेत बदहाल

विज्ञापन
बवानीखेड़ा  में खड़े बेसहारा पशु।
विज्ञापन
बवानीखेड़ा। कस्बे और आसपास के गांवों में बेसहारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सड़कों, बाजारों और खेतों में गाय, सांड़ और नीलगायों के झुंड घूमने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं ये पशु खेतों में भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई वर्षों से शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है जिससे आमजन और किसान दोनों प्रभावित हैं।
विज्ञापन

हालांकि नगर पालिका प्रशासन की ओर से पहले कुछ पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से पशुओं की संख्या बढ़ गई। मुख्य बाजार, बस स्टैंड रोड, हांसी रोड, शहीद गुलाब सिंह पार्क, बाबा कमाल मंदिर के समीप सहित अन्य स्थानों पर दिनभर 30 से 40 बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। शहीद गुलाब सिंह पार्क के पास स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय दुकानदार संजय, चरणदास और बलदेव ने बताया कि ग्राहक अपनी बाइक खड़ी करते हैं तो सांड़ सींग मार देते हैं। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशु कई लोगों को अपना निशाना बना चुके हैं। सुबह और शाम के समय घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। शहर तथा आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि पशुओं के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान राममेहर, बलराज और हिम्मत ने बताया कि उन्हें पूरी रात खेतों में जागकर रखवाली करनी पड़ती है। फसल खराब होने पर कोई मुआवजा भी नहीं मिलता। मजबूरी में कई किसानों ने खेतों के चारों ओर कंटीले तार लगाने शुरू कर दिए हैं जिससे खेती की लागत बढ़ गई है।
विज्ञापन

क्षेत्र के निवासियों ने मांग की है कि शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी कर उन्हें गोशालाओं में भेजा जाए। साथ ही जो पशुपालक अपने पशुओं को खुले में छोड़ते हैं उन पर जुर्माना लगाया जाए ताकि आमजन को इस समस्या से राहत मिल सके।
नगर पालिका प्रधान सुंदर अत्री ने कहा कि वे समस्या से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी टेंडर के माध्यम से पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया था जिसमें नगर पालिका कर्मचारियों ने पूरा सहयोग किया था। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला न छोड़ें और उन्हें बांधकर रखें। उन्होंने कहा कि जल्द ही बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नई रणनीति बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें